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कोरोना वैक्सीन को लेकर फैली हैं भ्रमित करने वाली जानकारियां, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे हैं यकीन?

Tue, 27 Apr 2021 12:29 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ अमर, उजाला
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कोरोना के टीकों को लेकर फैली हैं भ्रामक सूचनाएं - फोटो : PTI
कोरोना वायरस की दूसरी लहर का असर देश के लगभग सभी राज्यों में देखने को मिल रहा है। कहीं स्थिति नियंत्रण में है तो कहीं बेकाबू। कोरोना संक्रमण की इसी रफ्तार को कम करने के लिए कई राज्यों ने लॉकडाउन का भी ऐलान कर दिया है। लोगों को संक्रमण रोकने के सभी नियमों का पालन करने के लिए बार-बार कहा जा रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से लोग एक दूसरे के मदद के लिए भी आगे आ रहे हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर ही कोरोना से जुड़ी कुछ मनगढ़ंत खबरें और मिथ भी तेजी से वायरल हैं, जिससे लोग भ्रमित हो रहे हैं। आइए ऐसे ही कुछ मिथ और विशेषज्ञों से उनकी सच्चाई के बारे में जानते हैं। ऐसी झूठी बातों पर आपको बिल्कुल भी भरोसा नहीं करना चाहिए।
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सभी लोगों के लिए वैक्सीन जरूरी - फोटो : iStock
मिथ: कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों को वैक्सीन की जरूरत नहीं है।
डॉ. रिचा अस्थाना ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान बताया कि सभी लोगों के लिए कोरोना की वैक्सीन लेना बहुत आवश्यक है। जिन लोगों को एक बार संक्रमण हो चुका है, ऐसा नहीं है कि उन्हें दोबारा से संक्रमण नहीं हो सकता। संक्रमण के दौरान शरीर में वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी जरूर बन जाती है लेकिन कुछ समय बाद यह स्वत: नष्ट भी हो जाती है। ऐसे में वैक्सीन आपके लिए काफी जरूरी हो जाता है, इससे बनी एंटीबॉडी शरीर में लंबे समय तक बनी रहती है। ऐसे में सोशल मीडिया पर दौड़ रही यह बात पूरी तरह से झूठी है। 
 
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सभी मानकों पर खरी उतरी है वैक्सीन - फोटो : Social Media
कोरोना की वैक्सीन बहुत जल्दी में बनी है इससे ज्यादा प्रभावी नहीं है
सोशल मीडिया पर यह बात भी तेजी से की जा रही है कि कोरोना की वैक्सीन बहुत जल्दी में बनी है इस वजह से यह ज्यादा प्रभावी नहीं है। इस बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के टीके पूरी तरह से सुरक्षित हैं। कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए इसे जल्दी में जरूर तैयार किया गया है लेकिन सभी सुरक्षा मानकों पर यह पूरी तरह से खरे उतरे हैं। लोगो को टीके के बाद लाभ हो रहा है ऐसे में लोगों को इस तरह की बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए।

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वैक्सीन लगाने से कम हो जाता है संक्रमण का असर - फोटो : PTI
वैक्सीन लगवाने से कोरोना का संक्रमण हो जाएगा
उजाला सिग्नस सोनीपत के क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट डॉ. जितेंद्र नासा कहते हैं कि कोरोना की वैक्सीन लगने के कारण संक्रमण होने की बात पूरी तरह से बेबुनियाद है। वैक्सीन लेना पूरी तरह से सुरक्षित है, इससे आपको बिल्कुल भी डरने की जरूरत नहीं है। वैक्सीन लेने के बाद कुछ लोगों में संक्रमण के हल्के लक्षण जरूर देखे जा रहे हैं जोकि सामान्य हैं। शरीर में किसी भी तरह के एंटीजन जाने पर इस तरह की प्रतिक्रिया होना सामान्य है, यह स्वत: ठीक भी हो जाती है। सभी लोगों को टीकाकरण जरूर कराना चाहिए।
 
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भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें - फोटो : pixabay
वैक्सीन लेने के कारण मौत हो सकती है?
डॉ. जितेंद्र नासा कहते हैं कि वैक्सीन लेने के कारण मौत होने जैसी बात सामने नहीं आई है। वैक्सीन आपमें कोरोना के कारण होने वाली गंभीर दिक्कतों और मौत के खतरे को कम कर देती है। लोगों को हल्के लक्षण जरूर हो सकते हैं जो तीन से चार दिनों के भीतर स्वत: दूर हो जाते हैं।  वैक्सीन लेने के बाद मौत की बातें पूरी तरह से मिथ हैं।
 
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कोरोना वैक्सीन के बाद भी करें सभी नियमों का पालन - फोटो : पेक्सेल्स
वैक्सीन लगवाने के बाद कोविड के सुरक्षात्मक उपायों का पालन करना जरूरी नहीं है
डॉ नासा कहते हैं कोई भी वैक्सीन आपको उस रोग से 100 फीसदी की सुरक्षा नहीं दे सकती है। वैक्सीन सिर्फ उस रोग के गंभीर प्रभावों को कम करने में आपकी मदद करती है। डब्ल्यूएचओ कहता है, कोरोना से किसी को तब तक सुरक्षित नहीं माना जा सकता है जब तक हर कोई सुरक्षित नहीं है। तो आपको वैक्सीन लेने के साथ सभी सुरक्षात्मक उपायों जैसे मास्क लगाना, हाथों की सफाई का ध्यान रखना और लोगों से सामाजिक दूर बनाकर ऱखने जैसे नियमों का लगातार पालन करते रहना चाहिए। 

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नोट: यह लेख एम्स की डॉ. रिचा अस्थाना और उजाला सिग्नस सोनीपत के क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट डॉ. जितेंद्र नासा से एक बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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