फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Alert: पांच कॉमन बीमारियां जिनका अब तक डॉक्टरों के पास नहीं है कोई इलाज, हर साल लाखों लोग होते हैं शिकार

Mon, 20 Apr 2026 07:55 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एक समय जो बीमारियां मौत का दूसरा नाम मानी जाती थीं, आज उनका इलाज संभव हो गया है। एचआईवी जैसी गंभीर बीमारी को अब दवाओं के जरिए नियंत्रित किया जा सकता है। पर अब भी कई आम समस्याओं का कोई भी इलाज मौजूद नहीं है।
विज्ञापन
1 of 7
बीमारियों का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
मेडिकल साइंस में हुई प्रगति और अत्याधुनिक खोजों ने कई गंभीर बीमारियों के इलाज को अब काफी आसान बना दिया है। एक समय जो बीमारियां मौत का दूसरा नाम मानी जाती थीं, आज उनका इलाज संभव हो गया है। एचआईवी जैसे संक्रमण को अब दवाओं के जरिए कंट्रोल किया जा सकता है, वहीं कैंसर के इलाज में हुई प्रगति ने लोगों का सर्वाइवल रेट बढ़ा दिया है।

कोरोना महामारी के दौरान हमने वैज्ञानिकों का अद्भुत करिश्मा भी देखा जिसमें तेजी से वैक्सीन तैयार कर लोगों को जानलेवा बनती जा रही कोविड-19 बीमारी से बचाया गया। वैज्ञानिकों की टीम लगातार क्रॉनिक बीमारियों के इलाज को और आसान और किफायती बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

एक समय में कैंसर और एचआईवी जैसी लाइलाज मानी जा रही बीमारियों का अब आसानी से इलाज हो रहा है, पर क्या आप जानते हैं कि आज भी कई ऐसी आम और तेजी से फैलने वाली बीमारियां हैं जो हैं तो बहुत कॉमन लेकिन इनका अब तक कोई खास इलाज मौजूद नहीं है।
विज्ञापन

2 of 7
गंभीर बीमारियों का जोखिम - फोटो : Adobe stock
अब भी कई बीमारियों का नहीं है कोई इलाज

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कई बहुत आम सी स्वास्थ्य समस्याओं का अब तक कोई उपचार उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर इन बीमारियों के लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए ही दवाइयां देते हैं। बीमारी को जड़ से खत्म करने का तरीका अभी तक नहीं मिल पाया है। ऐसी कई बीमारियों का नाम सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे।

आइए ऐसी ही बीमारियों के बारे में आगे विस्तार से समझते हैं।
विज्ञापन

3 of 7
डेंगू बुखार की समस्या - फोटो : Adobe Stock
डेंगू का अब तक नहीं है कोई इलाज

क्या आपको पता है कि अब तक डेंगू का कोई इलाज उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर केवल इसके लक्षणों जैसे बुखार, दर्द और प्लेटलेट्स में गिरावट की समस्या को ठीक करने के लिए दवा देते हैं।
 
  • डेंगू एक वायरल संक्रमण है, जो एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। 
  • इस बीमारी में प्लेटलेट्स तेजी से कम होने लगते हैं, जिससे ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है। 
  • इसके इलाज में मुख्य रूप से खूब पानी पीते रहने, पैरासिटामोल और पौष्टिक चीजों के सेवन की सलाह दी जाती है।

4 of 7
चिकनगुनिया की समस्या - फोटो : Freepik.com
चिकनगुनिया का भी नहीं है उपचार

डेंगू की ही तरह चिकनगुनिया का भी कोई निश्चित इलाज उपलब्ध नहीं है।
 
  • चिकनगुनिया भी एक वायरल बीमारी है, जो मच्छरों के जरिए फैलती है। इसमें तेज बुखार के साथ जोड़ों में दर्द होता है।
  • इसके इलाज में केवल दर्द निवारक दवाएं, आराम करने की सलाह दी जाती है।
  • इससे बचाव को लिए कोई खास दवा या वैक्सीन अब तक नहीं है।
विज्ञापन

5 of 7
रेबीज का वैक्सीन - फोटो : Adobe Stock
रेबीज में मौत पक्की

रेबीज एक बेहद खतरनाक वायरल बीमारी है, जो संक्रमित कुत्ते और कुछ अन्य जानवरों के काटने से फैलती है। खास बात यह है कि लक्षण दिखने के बाद इसको ठीक नहीं किया जा सकता है। ये 100% जानलेवा मानी जाती है।
 
  • रेबीज के कारण शुरुआत में बुखार, सिरदर्द और कमजोरी होती है। लेकिन बाद में यह दिमाग को प्रभावित करती है, जिससे मरीज को पानी से डर लगने लगता है।
  • रेबीज का एकमात्र बचाव समय पर वैक्सीन लगवाना है। अगर काटने के तुरंत बाद टीका लग जाए, तो बीमारी को रोका जा सकता है।
विज्ञापन

6 of 7
अल्जाइमर रोग का खतरा - फोटो : Adobe Stock
अल्जाइमर को नहीं किया जा सकता है ठीक

अल्जाइमर एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें धीरे-धीरे याददाश्त और सोचने की क्षमता कमजोर हो जाती है। 
  • यह 60 साल से अधिक उम्र वाले बुजुर्गों में ज्यादा देखी जाती है। इसका भी कोई स्थाई इलाज नहीं है।
  • अल्जाइमर रोग में दिमाग की कोशिकाएं धीरे-धीरे नष्ट होती जाती हैं। 
  • इसमें केवल लक्षणों को धीमा करने में मदद करने वाली दवाएं दी जाती हैं। बीमारी को पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
मल्टीपल स्क्लेरोसिस में क्या दिक्कतें होती हैं? - फोटो : Freepik.com
मल्टीपल स्क्लेरोसिस की समस्या

मल्टीपल स्क्लेरोसिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम खुद ही नर्वस सिस्टम पर हमला करने लगता है। 
 
  • इससे दिमाग और रीढ़ की हड्डी प्रभावित होती है।
  • इस बीमारी के कारण  कमजोरी, संतुलन बिगड़ने, नजर की समस्या और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
  • कुछ दवाएं इसकी प्रगति को धीमा करने में मदद करती हैं, लेकिन इसे पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता। 



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस, न्यूज एजेंसी पीटीआई इनपुट के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें