Male vs Female Brain: अध्ययन के अनुसार भावनात्मक स्थितियों में पुरुषों और महिलाओं के मस्तिष्क की गतिविधियों में अंतर दिख सकता है। हालांकि भाषा, गणित और व्यवहार जैसी क्षमताएं केवल लिंग से निर्धारित नहीं होतीं।
विज्ञापन
1 of 7
पुरुष-महिला के दिमाग में क्या होता है अंतर?
- फोटो : AI
Male vs Female Brain: स्त्री और पुरुष के व्यवहार, सोचने के तरीके और कार्य करने की क्षमता में अंतर को लेकर लंबे समय से वैज्ञानिकों और समाजशास्त्रियों में चर्चा होती रही है। गुस्से, भावनाओं, भाषा, गणितीय सोच और स्थान संबंधी समस्याओं को हल करने जैसे क्षेत्रों में दोनों के बीच औसत स्तर पर कुछ अंतर देखे गए हैं। इसी सवाल ने वैज्ञानिकों को यह जानने के लिए प्रेरित किया कि क्या इन अंतर का संबंध मस्तिष्क की कार्यप्रणाली से भी है।
दरअसल, काफी समय पहले यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिलवेनिया की एक रिसर्च में पुरुषों और महिलाओं के मस्तिष्क के कुछ हिस्सों की गतिविधियों में अंतर की रिपोर्ट सामने आई थी। खासतौर पर भावनात्मक प्रतिक्रिया के दौरान मस्तिष्क के अलग-अलग क्षेत्रों की सक्रियता पर ध्यान दिया गया। इस रिपोर्ट का जिक्र मशहूर डॉ यतीश अग्रवाल की रोग-निरोग किताब में भी है।
अब इस लेख में हम आपको इन्हीं अध्ययनों के बारे में जानकारी देंगे, जिसें ये पता लगेगा कि किस तरह से पुरुष और महिलाओं का दिमाग अलग तरह से काम करता है।
विज्ञापन
2 of 7
पुरुष-महिला के दिमाग में क्या होता है अंतर?
- फोटो : AI
गुस्से और भावनाओं के समय पुरुष-महिला के दिमाग में क्या होता है?
पुरुष और महिला के मस्तिष्क को लेकर लंबे समय से वैज्ञानिक अध्ययन होते रहे हैं। एक पुराने PET इमेजिंग अध्ययन में शोधकर्ताओं ने यह जानने की कोशिश की कि भावनात्मक स्थिति के दौरान पुरुषों और महिलाओं के मस्तिष्क में किस तरह की गतिविधियां होती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक सामान्य परिस्थितियों में दोनों का मस्तिष्क काफी हद तक समान तरीके से काम करता है, लेकिन भावनात्मक प्रतिक्रिया के दौरान कुछ अलग पैटर्न दिखाई दे सकते हैं।
विज्ञापन
3 of 7
पुरुष-महिला के दिमाग में क्या होता है अंतर?
- फोटो : AI
गुस्से के समय पुरुषों में लिंबिक सिस्टम की सक्रियता
अध्ययन में भावनात्मक उत्तेजना के दौरान पुरुषों के मस्तिष्क के लिंबिक सिस्टम से जुड़े हिस्से में अधिक गतिविधि देखे जाने की बात कही गई। लिंबिक सिस्टम भावनाओं, प्रेरणा और कई व्यवहारिक प्रतिक्रियाओं से जुड़ा मस्तिष्कीय नेटवर्क है। पुराने शोध की व्याख्या में इसे तनाव या उत्तेजना के दौरान शारीरिक प्रतिक्रिया की तैयारी से जोड़ा गया था।
4 of 7
पुरुष-महिला के दिमाग में क्या होता है अंतर?
- फोटो : AI
महिलाओं में सिंगुलेट कॉर्टेक्स की भूमिका
इसी तरह की भावनात्मक परिस्थितियों में महिलाओं के मस्तिष्क के सिंगुलेट क्षेत्र में अधिक गतिविधि देखे जाने की रिपोर्ट की गई थी। यह क्षेत्र भावनाओं के साथ-साथ ध्यान, निर्णय लेने और दर्द जैसी प्रक्रियाओं में भी भूमिका निभाता है। हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए कि हर पुरुष गुस्से में आक्रामक होता है या हर महिला शांत तरीके से प्रतिक्रिया करती है। किसी व्यक्ति का व्यवहार केवल मस्तिष्क के एक हिस्से की गतिविधि से तय नहीं होता।
विज्ञापन
5 of 7
पुरुष-महिला के दिमाग में क्या होता है अंतर?
- फोटो : AI
भाषा के मामले में महिलाओं को लेकर क्या कहा गया?
रिपोर्ट में महिलाओं के मस्तिष्क के बाएं हिस्से की अधिक सक्रियता को उनकी भाषा संबंधी क्षमता और पुरानी बातों को याद रखने की क्षमता से जोड़कर देखा गया था। भाषा और स्मृति से जुड़े कार्यों में महिलाओं और पुरुषों के बीच औसत अंतर पर कई शोध हुए हैं, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर इन क्षमताओं में काफी विविधता होती है।
विज्ञापन
6 of 7
पुरुष-महिला के दिमाग में क्या होता है अंतर?
- फोटो : AI
मशीन और गणित में पुरुषों की क्षमता?
पुराने शोध की व्याख्या में पुरुषों के दाएं cerebral hemisphere की क्षमता को मशीनों, कल-पुर्जों और स्थान संबंधी कार्यों से जोड़ा गया था। इसी आधार पर पुरुषों को गणित और मैकेनिकल कार्यों में अधिक सक्षम बताया गया।
पुरुष-महिला के दिमाग में क्या होता है अंतर?
- फोटो : AI
पर शोध में ये भी कहा गया
इस पूरे अध्ययन से सबसे महत्वपूर्ण बात यही निकलती है कि मस्तिष्क में औसत जैविक अंतर होने की संभावना का मतलब यह नहीं है कि इंसान की क्षमताएं जन्म से पूरी तरह तय हैं। सीखने, अभ्यास और वातावरण के कारण मस्तिष्क और व्यवहार में बदलाव संभव है। इसलिए किसी पुरुष या महिला की क्षमता का अनुमान केवल उसके लिंग के आधार पर लगाना उचित नहीं होगा।
---------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।