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ब्रेन हेल्थ: उम्र बढ़ने पर भूलने की आदत सामान्य या डिमेंशिया का संकेत? जानिए कैसे करें पहचान

Wed, 16 Sep 2026 07:43 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

उम्र बढ़ने पर कभी-कभार चीजें भूलना सामान्य हो सकता है, लेकिन डिमेंशिया में याददाश्त के साथ सोचने, निर्णय लेने और रोजमर्रा के कामों पर असर पड़ता है। बार-बार सवाल पूछना, रास्ता भूलना या पैसे संभालने में परेशानी जैसे संकेत गंभीरता से लेने चाहिए। 
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याददाश्त की समस्याओं के बारे में जानिए - फोटो : Amarujala.com
उम्र बढ़ने के साथ किसी का नाम याद न आना, सामान रखकर भूल जाना या किसी तारीख को याद करने में ज्यादा समय लगना आम बात है। 60 की उम्र होते-होते शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं, दिमागी क्षमता भी उनमें से एक है। यही वजह है कि परिवार के लोग अक्सर बुजुर्गों की हर भूल को उम्र का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं।

पर क्या आप जानते हैं कि हर भूल सामान्य नहीं होती? 60 की उम्र के बाद अल्जाइर रोग और डिमेंशिया के मामले भी बढ़ जाते हैं, जिसको लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहने की जरूरत है। 

डिमेंशिया में याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता इतनी प्रभावित हो जाती है कि इसका रोजमर्रा के कामों पर भी असर पड़ने लगता है। बार-बार एक ही सवाल पूछना, परिचित जगहों पर रास्ता भूल जाना, बिल या पैसों का हिसाब संभालने में परेशानी होना, बातचीत करने में दिक्कत होना ऐसे संकेत हैं जिन्हें गंभीरता से लेना चाहिए।

लेकिन याददाश्त में कमी का मतलब हमेशा डिमेंशिया भी नहीं होता। इसके कई और भी कारण हो सकते हैं, जिनकी पहचान जरूरी है।
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डिमेंशिया की दिक्कत - फोटो : Freepik.com
याददाश्त की समस्या और डिमेंशिया

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, उम्र बढ़ने पर दिमाग की काम करने की गति कुछ धीमी हो जाती है। कभी किसी का नाम तुरंत याद न आना, कोई चीज रखकर भूल जाना या तारीख याद करने में थोड़ा समय लगना सामान्य उम्र से जुड़ी भूल हो सकती है। याददाश्त से संबंधित ऐसी दिक्कतों के बावजूद लोग आमतौर पर रोज के काम कर लेते हैं।
 
  • अगर कोई व्यक्ति बार-बार एक ही सवाल पूछता है, रास्ते भूल जाता है, बातचीत के दौरान सामान्य शब्द नहीं मिलते तो इसे केवल उम्र का असर नहीं मानना चाहिए। कई बार ये डिमेंशिया का संकेत हो सकता है।
  • डिमेंशिया में याददाश्त के अलावा सोचने, निर्णय लेने, भाषा और ध्यान जैसी क्षमताएं भी प्रभावित हो सकती हैं। 
  • व्यक्ति के व्यवहार या व्यक्तित्व में बदलाव भी दिखाई दे सकता है। ऐसे लक्षण लगातार दिखें तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
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याददाश्त की समस्या - फोटो : Freepik.com
हर याददाश्त की समस्या डिमेंशिया नहीं

याददाश्त कमजोर होने के पीछे कई ऐसे कारण हो सकते हैं जिनका इलाज संभव है। 
 
  • अध्ययनों में पाया गया है कि कई बार नींद की समस्या, तनाव, डिप्रेशन, थायरॉइड की बीमारी और विटामिन-बी12 जैसे जरूरी पोषक तत्वों की कमी भी याददाश्त को प्रभावित कर सकती है। इसलिए बुजुर्ग में अचानक याददाश्त की दिक्कत को तुरंत डिमेंशिया मान लेना सही नहीं है। याददाश्त की कई समस्याओं को दिनचर्या में बदलाव करके भी सुधारा जा सकता है।
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डिमेंशिया और इसका खतरा - फोटो : Freepik.com
सामान्य यादादश्य की दिक्कत और डिमेंशिया में अंतर

कभी-कभार चीजें भूल जाना सामान्य हो सकता है, लेकिन डिमेंशिया में भूलने की समस्या लगातार बढ़ती जाती है और रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगते हैं। 
 
  • डिमेंशिया के कारण बार-बार एक ही बात पूछने, रास्ते न याद आने और सामान्य काम करने में दिक्कत होने जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
  • सामान्य भूलने में व्यक्ति बाद में याद कर सकता है, जबकि डिमेंशिया में याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता धीरे-धीरे कमजोर होती जाती है।


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स्रोत: 
Memory Problems, Forgetfulness, and Aging


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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