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Health Tips: डिप्रेशन और एंग्जायटी में क्या अंतर है? बहुत कम लोगों को है मालूम

Sat, 16 Aug 2025 05:30 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अक्सर लोग डिप्रेशन और एंग्जायटी को एक ही समझते हैं, ये बात सच है कि ये दोनों ही समस्याएं आपकी मानसिक स्थिति से जुड़ी है, लेकिन इन दोनों बहुत बड़ा अंतर है, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को मालूम है। इसलिए आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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डिप्रेशन और एंग्जायटी में अंतर - फोटो : Adobe Stock
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं काफी आम हो गई हैं। अक्सर लोग इन दोनों स्थितियों को एक ही मान लेते हैं या उनके बीच के बारीक अंतर को नहीं समझ पाते। यह गलतफहमी गंभीर हो सकती है, क्योंकि सही इलाज के लिए इन दोनों के बीच का अंतर समझना बहुत जरूरी है। 

एंग्जायटी जिसे आम बोलचाल में घबराहट या चिंता कहा जाता है, आमतौर पर भविष्य में होने वाली किसी अनिश्चित घटना के डर से जुड़ी होती है। यह एक ऐसी भावना है जो हमें खतरे से आगाह करती है और हमें सतर्क रहने के लिए प्रेरित करती है। वहीं डिप्रेशन जिसे अवसाद भी कहते हैं, मुख्य रूप से उदासी, निराशा और उन चीजों में रुचि खो देने की भावना से जुड़ा है जो कभी हमें खुशी देती थीं। 

इन दोनों का सबसे बड़ा अंतर यह है कि जहां एंग्जायटी 'क्या होगा?' की भावना पर केंद्रित होती है, वहीं डिप्रेशन 'कुछ नहीं हो सकता' की भावना पर केंद्रित होता है। दोनों ही स्थितियां व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता पर गहरा असर डाल सकती हैं। इसलिए आइए इस लेख में इन दोनों के मानसिक स्थितियों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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एंग्जायटी - फोटो : Freepik.com
क्या होती है एंग्जायटी?
एंग्जायटी का मुख्य लक्षण लगातार बनी रहने वाली बेचैनी और घबराहट है। इसमें व्यक्ति को दिल की धड़कन तेज होना, सांस लेने में दिक्कत, पसीना आना और बेचैनी महसूस हो सकती है। यह अक्सर किसी खास स्थिति, जैसे परीक्षा या इंटरव्यू, के बारे में सोचने पर बढ़ जाती है। हालांकि, यह बिना किसी स्पष्ट कारण के भी हो सकती है।

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डिप्रेशन - फोटो : Freepik.com
क्या होता है डिप्रेशन?
डिप्रेशन एक गंभीर मानसिक स्थिति है, जिसके मुख्य लक्षणों में लगातार उदासी, निराशा और ऊर्जा की कमी शामिल है। डिप्रेशन से पीड़ित व्यक्ति को उन कामों में भी रुचि नहीं रहती जो उसे पहले पसंद थे। इसके अलावा, नींद की समस्या, भूख न लगना या बहुत ज्यादा लगना, और खुद को बेकार समझने की भावना भी इसके लक्षण हैं।

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दोनों के बीच का संबंध - फोटो : freepik
दोनों के बीच का गहरा रिश्ता
यह जानना महत्वपूर्ण है कि डिप्रेशन और एंग्जायटी अक्सर एक साथ हो सकते हैं। एक व्यक्ति जो डिप्रेशन से पीड़ित है, उसे एंग्जायटी भी हो सकती है, और इसका उल्टा भी सच है। कई बार एंग्जायटी की लंबी स्थिति डिप्रेशन में बदल सकती है, क्योंकि व्यक्ति लगातार चिंता और तनाव से थक जाता है।
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कैसे दूर रहें इन मानसिक स्थितियों से? - फोटो : freepik
सही उपचार और समाधान
दोनों ही स्थितियों के लिए सही उपचार बहुत जरूरी है। इनमें थेरेपी (जैसे कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी), दवाएं और जीवनशैली में बदलाव शामिल हो सकते हैं। अगर आपको या आपके किसी करीबी को ऐसे लक्षण महसूस हों, तो किसी मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर से सलाह लेना बेहद जरूरी है। सही जानकारी और समय पर इलाज से इन समस्याओं को प्रभावी ढंग से प्रबंधित किया जा सकता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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