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क्रोनोलॉजिकल और बायोलॉजिकल एज में क्या है अंतर? जानिए किन आदतों से बदलती है शरीर की उम्र

Thu, 03 Sep 2026 10:15 AM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Difference between Chronological and Biological Age: इस लेख में हम आपको जानकारी देंगे कि बायोलॉजिकल एज और क्रोनोलॉजिकल एज में क्या फर्क होता है। 
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क्रोनोलॉजिकल और बायोलॉजिकल एज में क्या है अंतर? - फोटो : AI
 Difference between Chronological and Biological Age:  उम्र बढ़ना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन हर व्यक्ति का शरीर एक ही रफ्तार से बूढ़ा नहीं होता। किसी की उम्र 40 साल हो सकती है, लेकिन उसका शरीर और स्वास्थ्य 35 साल के व्यक्ति जैसा हो सकता है। वहीं कुछ लोगों में कम उम्र में ही शरीर से जुड़ी उम्र बढ़ने के संकेत नजर आने लगते हैं। यहीं पर बायोलॉजिकल एज  यानी जैविक उम्र की अवधारणा सामने आती है।

यह आपकी जन्मतिथि से तय होने वाली उम्र से अलग होती है और शरीर की वास्तविक स्थिति, फिटनेस, मेटाबॉलिज्म, जीवनशैली और कुछ स्वास्थ्य संकेतकों के आधार पर अलग हो सकती है। आजकल हेल्थ और वेलनेस के क्षेत्र में बायोलॉजिकल एज  को लेकर काफी चर्चा है। लेकिन आखिर बायोलॉजिकल एज  क्या होती है? इसे कैसे समझा या मापा जाता है और यह आपकी सेहत के बारे में क्या संकेत देती है? आइए जानते हैं क्रोनोलॉजिकल एज  और बायोलॉजिकल एज  के बीच का अंतर।
 
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क्रोनोलॉजिकल और बायोलॉजिकल एज में क्या है अंतर? - फोटो : AI
बायोलॉजिकल एज और क्रोनोलॉजिकल एज में क्या फर्क है?

क्रोनोलॉजिकल एज आपकी जन्मतिथि के आधार पर तय होने वाली उम्र है। यानी जन्म से अब तक आपने जितने साल पूरे किए हैं, वही आपकी वास्तविक या कैलेंडर उम्र कहलाती है। वहीं बायोलॉजिकल एज  यह बताने की कोशिश करती है कि शरीर की कार्यप्रणाली और उम्र बढ़ने से जुड़े बदलाव आपकी उम्र के हिसाब से किस स्तर पर हैं। यह एक अनुमानित अवधारणा है, जिसे अलग-अलग स्वास्थ्य संकेतकों और कुछ परीक्षणों के आधार पर आंका जा सकता है।

उदाहरण के लिए, दो लोगों की उम्र 40-40 साल हो सकती है, लेकिन उनकी फिटनेस, मांसपेशियों की ताकत, हृदय स्वास्थ्य, नींद, मेटाबॉलिक हेल्थ और जीवनशैली अलग होने के कारण उनकी जैविक उम्र का अनुमान अलग हो सकता है।

 
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क्रोनोलॉजिकल और बायोलॉजिकल एज में क्या है अंतर? - फोटो : AI
बायोलॉजिकल एज  किन चीजों से प्रभावित हो सकती है?
 
  • खान-पान: संतुलित और पौष्टिक भोजन शरीर के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है
  • व्यायाम: नियमित शारीरिक गतिविधि मांसपेशियों, हृदय और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है
  • नींद: लगातार खराब या कम नींद स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती है
  • तनाव: लंबे समय तक रहने वाला तनाव शरीर पर कई तरह के प्रभाव डाल सकता है
  • धूम्रपान और शराब: इन आदतों का स्वास्थ्य और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है
  • वजन और मेटाबॉलिक हेल्थ: ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और अन्य स्वास्थ्य संकेतक भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं
  • जेनेटिक्स: कुछ मामलों में आनुवंशिक कारक भी उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं

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क्रोनोलॉजिकल और बायोलॉजिकल एज में क्या है अंतर? - फोटो : AI

क्या बायोलॉजिकल एज  को घर पर पता किया जा सकता है?

आजकल कई ऑनलाइन कैलकुलेटर, फिटनेस डिवाइस और हेल्थ टेस्ट बायोलॉजिकल एज  का अनुमान लगाने का दावा करते हैं। हालांकि, इनके परिणामों को मेडिकल डायग्नोसिस नहीं माना जाना चाहिए। कुछ वैज्ञानिक परीक्षण उम्र बढ़ने से जुड़े बायोमार्कर्स का विश्लेषण करते हैं, लेकिन बायोलॉजिकल एज  कोई एक ऐसी संख्या नहीं है जिसे हर व्यक्ति के लिए एक ही तरीके से और पूरी सटीकता के साथ मापा जा सके। इसलिए अगर कोई टेस्ट आपकी बायोलॉजिकल एज  आपकी क्रोनोलॉजिकल एज  से ज्यादा या कम बताता है, तो उसे अंतिम स्वास्थ्य प्रमाण मानने के बजाय अपनी पूरी स्वास्थ्य स्थिति के संदर्भ में देखना चाहिए।

 
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क्रोनोलॉजिकल और बायोलॉजिकल एज में क्या है अंतर? - फोटो : AI
बायोलॉजिकल एज कम रखने के लिए क्या करें?

स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीजें हैं—नियमित एक्सरसाइज, संतुलित डाइट, पर्याप्त नींद, तनाव को नियंत्रित करना और धूम्रपान से बचना। नियमित स्वास्थ्य जांच और डॉक्टर की सलाह के अनुसार किसी स्वास्थ्य समस्या का समय पर इलाज भी महत्वपूर्ण है।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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