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World Diabetes Day 2022: सिगरेट पीने वाले हो सकते हैं डायबिटीज की समस्या से पीड़ित, जानें इसका असर

Mon, 14 Nov 2022 01:08 PM IST
स्वाति शैवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हर तरह से नुकसानदायक है यह धुआं - फोटो : Pixabay
सिगरेट के डब्बे पर लिखी वैधानिक चेतावनी को अधिकांश लोग जानकर भी नजरअंदाज करते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह भी होता है कि वे जानते हैं कि इससे नुकसान हो सकता है, इसके बावजूद वे यह विचार मन में रखते हैं कि नजरअंदाज करने से शायद मुश्किल भी टल जाएगी। क्या सच में ऐसा होता है? जवाब है नहीं। हो सकता है सिगरेट के धुएं या निकोटीन से होने वाली समस्या हर व्यक्ति को अलग अलग तरह से परेशान करे या अलग अलग समय पर परेशान करे, लेकिन परेशानी तो होगी ही।  

मधुमेह यानी डायबिटीज, आम बनती जा रही समस्या है। मुश्किल यह है कि इस समस्या से जुड़े परिणाम आम नहीं होते। अनियंत्रित रहने पर यह कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। स्मोकिंग के आदि हो चुके लोगों में यह दोनों तरह से परेशानी का सबब बन सकती है। यदि डायबिटीज है और आप सिगरेट पीते हैं तो भी और यदि आप डायबिटिक नहीं हैं लेकिन सिगरेट पीते हैं तो भी, ब्लड शुगर का अनियंत्रित स्तर आपके लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। इसलिए जरूरी है कि सिगरेट के डिब्बे पर लिखी गई चेतावनी को नजरअंदाज करना बंद कर दें। 
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शुरुआत में आसान होता है डायबिटीज पर नियंत्रण - फोटो : iStock
शुगर और असंतुलन 

यह याद रखना सबसे जरूरी है कि डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो रिवर्स नहीं होती। लेकिन यह भी उतना ही सही है कि इस बीमारी को शुरूआती अवस्था में ही कंट्रोल में ले आना बहुत आसान होता है। इतना ही नहीं यदि नियंत्रण के सभी उपाय, सही तरीके से अपनाये जाएँ तो जीवन भर इसे कंट्रोल में रखकर अच्छी जिंदगी जी जा सकती है। हमारे शरीर में पेट में पीछे की ओर होता है एक छोटा सा अंग पैंक्रियाज। इस अंग की भूमिका डायबिटीज के मामले में बहुत महत्वपूर्ण होती है क्योंकि इसी जगह बनता है इन्सुलिन हार्मोन जिसके असंतुलन से ही पनपती है डायबिटीज की स्थिति। 
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अनियंत्रित खान पान मुश्किल की वजह - फोटो : social media
बेचारा पैंक्रियास 

अब गड़बड़ कई स्तरों पर होती है। पेट में पीछे की और चुपचाप बैठा पैंक्रियास अपना काम करता रहता है। वह इन्सुलिन का उत्पादन करता है और शरीर उसकी मदद से अपना काम संतुलित तरीके से चला रहा होता है। लेकिन हम इस पैंक्रियास को छेड़ते हैं, असमय, अनियंत्रित और अनावश्यक प्रकार के खान-पान, ठीक से नींद न लेकर, फिजिकली एक्टिव न रहकर। खासकर टाइप-2 डायबिटीज के मामलों में। इसकी वजह से शुगर का संतुलन गड़बड़ाता है और केवल डायबिटीज ही नहीं कई सारी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। 

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सिगरेट में मौजूद निकोटीन बनता है मुश्किल
निकोटीन का बुरा असर 

अध्ययनों की मानें तो सिगरेट पीने वालों को टाइप-2 डायबिटीज होने की आशंका सिगरेट न पीने वालों की तुलना में 30-40 प्रतिशत तक अधिक हो सकती है। वहीं अगर पहले से डायबिटीज है तो ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखना मुश्किल होता है। सिगरेट में मौजूद निकोटीन न केवल ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ाता है बल्कि इसकी वजह से इन्सुलिन रजिस्टेंस, कोशिकाओं की सूजन और वजन बढ़ने जैसी स्थितियां भी पनप सकती हैं जो कहीं न कहीं डायबिटीज से जुड़ती हैं। इतना ही नहीं निकोटीन की वजह से बुरे कोलेस्ट्रॉल और ट्रायग्लिसराइड की मात्रा बढ़ने लगती है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा घटने लगती है। ये भी आगे जाकर टाइप-2 डायबिटीज से जुड़ते हैं।  
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अनियंत्रित डायबिटीज से बढ़ती परेशानी
अगर है पहले से डायबिटीज 

आप सिगरेट पीते हैं और पहले से डायबिटीज के भी मरीज हैं तो यह करेला और नीम चढ़ा की कहावत को सच कर सकता है। डायबिटिक लोगों में निकोटीन की वजह से ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखना मुश्किल होने लगता है। यदि आप इन्सुलिन लेते हैं तो इसकी मात्रा को बढ़ाना पड़ सकता है। धूम्रपान के साथ अनियंत्रित डायबिटीज मिलकर पूरे शरीर को नुकसान पहुंचाने लगता है और इससे हृदय रोगों, आँखों की समस्याओं, स्ट्रोक, किडनी की समस्याओं, नर्व डैमेज और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। यह उन लोगों की तुलना में भी अधिक होता है जो डायबिटिक हैं लेकिन धूम्रपान नहीं करते। 
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लत को छोड़ने की करें कोशिश - फोटो : pixabay
इस तरह से लें मदद  

सबसे अच्छा और पहला उपाय है सिगरेट छोड़ देना लेकिन यह आसान बिलकुल भी नहीं है।  परन्तु यह असंभव भी नहीं है। इसलिए सिगरेट को धीरे धीरे छोड़ने के रास्ते पर बढ़ें। शुरुआत में सिगरेट छोड़ने के बाद आपका ब्लड शुगर स्तर बढ़ भी सकता है लेकिन इससे परेशान होने की जरूरत नहीं। आप जितने लम्बे समय तक सिगरेट से दूर रहेंगे, आपका इन्सुलिन रजिस्टेंस उतना ही अच्छा होता जायेगा। यदि आप स्वयं इस लत को नहीं छोड़ पा रहे हैं तो किसी प्रोफेशनल की मदद भी ले सकते हैं। इसके अलावा काउंसलिंग, निकोटीन रिप्लेसमेंट थैरेपी, एंटीडिप्रेसेंट्स, इन्सोम्निया का इलाज आदि का उपयोग भी विशेषज्ञ की सलाह से किया जा सकता है। 
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वजन कम करने के मिलेंगे अच्छे परिणाम - फोटो : iStock
यह उपाय भी अपनाएं 

सीधे सिगरेट छोड़ देने का विकल्प सबके साथ काम नहीं करता है। ज्यादातर लोग धीरे धीरे करके ही इस लत से छुटकारा पा सकते हैं। इसमें परिवार और मित्रों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। बाकी उपायों के साथ वजन कम करने का प्रयास, योग और व्यायाम की निरंतरता और किसी भी रचनात्मक काम में व्यस्तता भी आपको सिगरेट से दूरी बनाने में मदद कर सकती है। ऐसे मित्रों के समूह को चुनें जो किसी सामाजिक या रचनात्मक काम से जुड़े हों और आपको इस लत से दूर रहने में मदद कर सकें।  
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सतर्क रहें और करें नियंत्रण
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 
 
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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