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Dengue In India: जुलाई में ही पीक पर पहुंच गए डेंगू के मामले? इन राज्यों में तेजी से बढ़ते आंकड़ों ने डराया

Wed, 07 Aug 2024 10:00 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डेंगू और इसका खतरा - फोटो : istock
देश के कई राज्यों में मच्छर जनित रोग डेंगू के मामले काफी तेजी से बढ़े रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महाराष्ट्र में इसका जोखिम अधिक देखा जा रहा है। इस साल जुलाई तक ही यहां डेंगू के मामले रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। पिछले साल की तुलना में इस बार साल के पहले सात महीनों में राज्य में डेंगू के केस में 83 फीसदी तक का उछाल दर्ज किया गया है।

जनवरी और जुलाई 2023 के बीच जहां महाराष्ट्र में  3,164 मामले रिपोर्ट किए गए थे वहीं  इस साल के पहले सात महीनों में 5,776 केस दर्ज किए गए हैं, जो करीब दोगुना के बराबर हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मच्छर जनित रोग के खतरे को लेकर सभी लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महाराष्ट्र के साथ-साथ कर्नाटक और केरल सहित देश के पूर्वी राज्यों में भी इस साल डेंगू के मरीजों की संख्या में उछाल देखा जा रहा है। इस साल अब तक कर्नाटक में डेंगू के 19,000 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। राजधानी दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और गुजरात में भी ये रोग स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा रहा है।
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डेंगू के कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : Freepik.com
जुलाई में ही पीक पर पहुंचे मामले?

डॉक्टर कहते हैं, हर साल देश में सितंबर-अक्तूबर के आसपास डेंगू के मामले पीक पर होते हैं। पर इस बार समय से पहले बारिश और बाढ़ की स्थिति ने डेंगू के खतरे को काफी बढ़ा दिया है। 

पिछले हफ्ते केंद्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा बुलाई गई एक वर्चुअल बैठक में, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्रा ने कहा कि वैसे तो डेंगू के मामले आमतौर पर अक्टूबर में चरम पर होते हैं, लेकिन इस साल 31 जुलाई तक के रुझानों से पता चलता है कि मामलों की संख्या पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में लगभग काफी अधिक है। जोखिमों को देखते हुए सभी लोगों को सावधानी बरतते रहना जरूरी है।
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डेंगू के मामले - फोटो : amarujala
क्यों इतनी तेजी से बढ़ रहा है डेंगू का संक्रमण?

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा डेंगू की संख्या में वृद्धि के दो कारण हैं। सबसे पहले, हम पिछले वर्षों की तुलना में इस साल दोगुनी संख्या में परीक्षण कर रहे हैं। दूसरा इस बार मानसून जल्दी आ गया और कई चरणों में बारिश हो रही है। इस तरह की बारिश के पैटर्न मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बनाते हैं।

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डेंगू के जोखिम कारक - फोटो : istock
मृतकों की संख्या में कमी

स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा, पिछले कई वर्षों में डेंगू के केस जरूर बढ़े हैं पर इस रोग से मरने वालों की संख्या में अब काफी कमी है। डेंगू के मामले में मृत्यु दर 1996 में 3.3% से घटकर 2023 में 0.17% हो गई है। 2022 में भारत में 2.3 लाख डेंगू के मामले और 303 मौतें हुईं वहीं 2023 में यह संख्या बढ़कर 2.9 लाख मामले और 485 मौतें थी।
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मच्छरों से करें बचाव - फोटो : freepik.com
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बचाव करते रहने की सलाह 

डेंगू के खतरे से बचाव को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बरसात के दिनों में गमलों, टायरों, टूटे बर्तनों या झुग्गियों के ऊपर प्लास्टिक की चादरों के नीचे पानी जमा हो जाता है। ये सभी मच्छरों के प्रजनन के लिए आदर्श स्थान होते हैं। पोखरों में जमा पानी और बंद नालियां भी डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर के लिए प्रजनन का उपयुक्त स्थल बन जाती हैं। पानी को जमा होने से रोकने के उपाय करके डेंगू के खतरे को काफी हद तक कम करने में मदद मिल सकती है।


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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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