राजधानी दिल्ली में डेंगू के मामले बढ़ने की खबर है। पिछले महीने सितंबर तक जहां राजधानी में डेंगू के 700 से अधिक मामले सामने आए थे, वहीं पिछले एक सप्ताह के भीतर ही नई दिल्ली में 400 से अधिक संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं। मामलों में हो रही बढ़ोतरी के बीच अधिकारियों ने 250 से अधिक हॉटस्पॉट की पहचान की है, जहां मच्छरों के बड़े पैमाने पर प्रजनन पाए गए हैं। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के मुताबिक डेंगू से बचाव के लिए दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है, इसके साथ-साथ सभी लोगों को व्यक्तिगत तौर पर भी इस खतरे से बचे रहने के प्रयास करते रहने चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हर साल अक्तूबर के महीने में देश में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ते हुए देखे जाते रहे हैं। डेंगू कुछ स्थितियों में गंभीर जटिलताओं वाला और जानलेवा भी हो सकता है जिससे बचाव के उपाय सभी लोगों को करते रहने चाहिए।
साल 2015 में दिल्ली में बड़े पैमाने पर डेंगू का प्रकोप देखा गया, जिसमें 10,600 से अधिक लोगों को संक्रमण का शिकार पाया गया था। डॉक्टर्स कहते हैं, डेंगू के जोखिम से बचे रहने के लिए सभी लोगों को निरंतर प्रयास करते रहने की आवश्यकता है। समय पर इसकी पहचान और इलाज आपको गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं के जोखिम से बचा सकती है। आइए इस बारे में विस्तार से समझते हैं।