डेंगू बुखार की समस्या
- फोटो : Adobe Stock
डेंगू में क्या नहीं करना चाहिए?
डॉक्टर कहते हैं, डेंगू के बुखार में खुद से एस्पिरिन या इबुप्रोफेन जैसी दवाएं न लें, क्योंकि डेंगू में इनसे ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है। एंटीबायोटिक दवाएं भी डेंगू के इलाज में मदद नही करती हैं। केवल प्लेटलेट की संख्या देखकर घबराने के बजाय मरीज की पूरी स्थिति और डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
- डेंगू में गंभीर बीमारी का खतरा अक्सर बुखार शुरू होने के 3-8 दिनों के दौरान होता सकता है।
- अगर शरीर के किसी हिस्से से खून बह रहा हो, तो इसे हल्के में न लें। यह डेंगू हेमोरेजिक फीवर का संकेत हो सकता है।
- तेज पेट दर्द या पेट में दबाने पर दर्द, लगातार उल्टी, नाक-मसूड़ों से खून आने के साथ सांस तेज चलने जैसे संकेत दिखें तो तुरंत डॉक्टरी सहायता लें।
- डेंगू फैलाने वाले मच्छर दिन के समय ज्यादा सक्रिय होते हैं, इसलिए मच्छरों से बचने के लिए उचित कदम उठाएं।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।