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Dengue Prevention: डेंगू से बचाव के लिए क्या करें-क्या नहीं? स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी महत्वपूर्ण जानकारी

Wed, 31 Jul 2024 06:06 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डेंगू का खतरा - फोटो : Freepik.com
मानसून के दिनों में मच्छर जनित कई बीमारियों का जोखिम काफी बढ़ जाता है। डेंगू-मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के कारण हर साल अस्पतालों में बड़ी संख्या में लोगों को भर्ती होना पड़ता है। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजधानी दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़नी शुरू हो गई है। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 30 जून तक डेंगू के 246 मामले सामने आए हैं, जो पिछले साल 2023 में इसी अवधि में दर्ज मामलों की संख्या, यानी 122 से दोगुने से भी अधिक है।

इसी तरह महाराष्ट्र सरकार ने वर्ष की शुरुआत से मई के पहले सप्ताह तक 1,755 डेंगू-पॉजिटिव मामलों की सूचना दी थी। अब चूंकि मानसून की शुरुआत हो गई है ऐसे में डेंगू का खतरा और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोग मच्छरों से बचाव के उपायों पर गंभीरता से ध्यान दें। डेंगू जानलेवा भी हो सकती है, इसलिए बचाव के उपाय करते रहना जरूरी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी डेंगू से बचाव के उपायों को लेकर सलाह दी है।
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डेंगू के कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : Freepik
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?

अमर उजाला से बातचीत में दिल्ली स्थित एक अस्पताल में कंसल्टेंट डॉ दिवाकर सिंह बताते हैं, फिलहाल राजधानी दिल्ली-एनसीआर में डेंगू के मामले नियंत्रित हैं। हालांकि आशंका है कि ये बढ़ सकते हैं। बारिश की शुरुआत होते ही मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ना शुरू हो जाता है। डेंगू के मच्छर साफ और स्थिर जल में पनपते हैं और दिन के समय ज्यादा काटते हैं। डेंगू के खतरे से बचे रहने के लिए जरूरी है कि मच्छरों को पनपने और काटने से बचाव के लिए प्रयास किए जाएं।

डेंगू रक्तस्रावी बुखार का भी कारण बन सकता है, जिससे जान जाने का भी जोखिम रहता है।


ये भी पढ़ें- मानसूनी बुखार और डेंगू दोनों के बढ़ने लगे मामले, जानिए इनमें कैसे करें अंतर
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डेंगू का खतरा - फोटो : amarujala
स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की सलाह
 
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बरसात के दिनों में गमलों, टायरों, टूटे बर्तनों या झुग्गियों के ऊपर प्लास्टिक की चादरों के नीचे पानी जमा हो जाता है। ये सभी मच्छरों के प्रजनन के लिए आदर्श स्थान होते हैं। पोखरों में जमा पानी और बंद नालियां भी डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर के लिए प्रजनन का उपयुक्त स्थल बन जाती हैं। पानी को जमा होने से रोकने के उपाय करके डेंगू के खतरे को काफी हद तक कम करने में मदद मिल सकती है।

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर डेंगू से बचाव के लिए क्या करें और क्या नहीं इससे संबंधित सुझाव दिए हैं। आइए जानते हैं।
 

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डेंगू से कैसे बचें - फोटो : istock
डेंगू से बचाव के लिए क्या करें?

कुछ सामान्य से उपायों का पालन करके आप खुद को और परिवार को डेंगू से सुरक्षित रख सकते हैं।
  • पानी की टंकियों और कंटेनरों का ढक्कन कसकर बंद करें।
  • कूलर को हर हफ़्ते साफ करें और सुखाएं।
  • सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
  • मच्छरों के काटने से बचने के लिए शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहनें।
  • जरूरत पड़ने पर मच्छर भगाने वाली क्रीम, कॉइल आदि का इस्तेमाल करें।
  • बुखार होने पर सिर्फ पैरासिटामोल लें, खूब पानी पिएं और डॉक्टर की सलाह लें।
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डेंगू और इसका खतरा - फोटो : istock
डेंगू से बचाव के लिए क्या न करें?

डेंगू के खतरे से बचे रहने के लिए क्या न करें ये भी जानना जरूरी है।
  • अपने आस-पास पानी जमा न होने दें।
  • नारियल के छिलके, पुराने टायर, कप, डिब्बे, बोतलें, टिन आदि को खुले में न फेंकें।
  • डेंगू बुखार के लिए कोई खास दवा नहीं है, इसलिए खुद से दवा लेने से बचें।
  • डेंगू बुखार के सामान्य लक्षण दिखने पर या डॉक्टर की सलाह के बिना अस्पताल में भर्ती होने पर जोर न दें

 
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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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