वायु प्रदूषण के कारण सांस की समस्याओं का जोखिम
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सांस और दिल की बीमारियों का भी खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पीएम 2.5 को आमतौर पर सांस की समस्याओं जैसे खांसी, सांस फूलना, गले में जलन और अस्थमा अटैक से जोड़कर देखा जाता रहा है, पर इसके दुष्प्रभाव कहीं अधिक हो सकते हैं। बच्चों और बुजुर्गों में इसका असर ज्यादा गंभीर होता है क्योंकि उनकी इम्युनिटी कमजोर होती है।
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ता पीएम 2.5 दिल की बीमारियों का खतरा भी बढ़ाता है। ये सूक्ष्मकण खून में पहुंचकर सूजन पैदा करते हैं, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ जाता है। हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की समस्या वाले लोगों के लिए यह और भी खतरनाक साबित हो सकता है।