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Health Tips: शरीर में पानी की कमी होने पर दिखते हैं ये लक्षण, जानें इससे बचाव के उपाय

Wed, 09 Jul 2025 03:43 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बहुत से लोगों को लगता है कि शरीर में पानी की कमी सिर्फ गर्मी के मौसम में ही हो सकती है, लेकिन ये पूरा सच नहीं है। किसी भी मौसम में डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। आइए इस लेख में जानते हैं कि शरीर में पानी की कमी होने पर क्या लक्षण दिखते हैं।
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पीने का पानी - फोटो : Adobe Stock
Dehydration Symptoms: हमारे शरीर का ज्यादातर हिस्सा, लगभग 60-70%, पानी से बना है, जो शरीर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है। पाचन से लेकर रक्त संचार और शरीर का तापमान बनाए रखने तक, पानी हर जरूरी शारीरिक क्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लेकिन जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिसे हम डिहाइड्रेशन भी कहते हैं, तो यह स्थिति हमारे स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है।

डिहाइड्रेशन कई वजहों से हो सकता है, जैसे ज्यादा पसीना आना, बार-बार दस्त लगना या फिर पर्याप्त पानी न पीना। बच्चे और बुज़ुर्गों में डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक होता है। अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। डिहाइड्रेशन के कारण थकान, चक्कर आना और कई बार तो इंसान बेहोश भी हो सकता है। इसलिए, यह समझना बेहद जरूरी है कि डिहाइड्रेशन क्या है, इसके क्या लक्षण हैं, और सबसे महत्वपूर्ण है कि इससे बचाव के लिए किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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पीने का पानी - फोटो : Adobe Stock
डिहाइड्रेशन के लक्षण
डिहाइड्रेशन के शुरुआती लक्षणों में प्यास लगना, मुंह सूखना, थकान और चक्कर आना शामिल हैं। गंभीर डिहाइड्रेशन में पेशाब का रंग गहरा पीला होना, कम पेशाब आना, त्वचा में रूखापन आना, तेज धड़कन और सिरदर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। अगर डिहाइड्रेशन बढ़ जाए, तो यह किडनी की समस्या, बेहोशी या गर्मी से संबंधित बीमारियों जैसे हीटस्ट्रोक का कारण बन सकता है। इसलिए समय रहते इसपर ध्यान देना बहुत जरूरी होता है।
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डिहाइड्रेशन - फोटो : Freepik.com
डिहाइड्रेशन के कारण
डिहाइड्रेशन का मुख्य कारण पर्याप्त पानी न पीना है, खासकर गर्मी या मानसून में जब पसीना अधिक निकलता है। दस्त, उल्टी या बुखार के दौरान शरीर से तरल पदार्थ तेजी से निकलता है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ता है। अत्यधिक शराब या कैफीन का सेवन भी मूत्रवर्धक प्रभाव के कारण पानी की कमी हो सकती है। डायबिटीज या किडनी रोग वाले मरीजों में बार-बार पेशाब के कारण डिहाइड्रेशन होने की आशंका अधिक होती है।

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पीने का पानी - फोटो : Adobe Stock
बचाव के उपाय
डिहाइड्रेशन से बचने के लिए दिन में 8-10 गिलास पानी पीएं। गर्मी या व्यायाम के दौरान हर 20-30 मिनट में पानी जरूर पिएं। दस्त या उल्टी के दौरान ओआरएस या नमक-चीनी का घोल शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखता है। फल जैसे तरबूज, संतरा और नारियल पानी हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद करते हैं। कैफीनयुक्त पेय और शराब से बचें। हल्के, ढीले कपड़े पहनें और गर्मी में बाहर निकलते समय छाता या टोपी का उपयोग करें। 

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डिहाइड्रेशन का खतरा - फोटो : Freepik.com
डिहाइड्रेशन एक ऐसी स्थिति है, जिसे सही समय पर उपाय करके रोका जा सकता है। लक्षण दिखने पर तुरंत पानी, ओआरएस या इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय लें। अगर गंभीर लक्षण जैसे बेहोशी, तेज बुखार या भ्रम की स्थिति हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। नियमित हाइड्रेशन, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली डिहाइड्रेशन से बचाव में मदद करती है। खासकर मानसून में स्वच्छ पानी का उपयोग करें और अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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