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Diwali 2024: पटाखों से अगर आंख में लग जाए चोट या हो रही है जलन तो क्या करें? डॉक्टर से जानिए जरूरी टिप्स

Thu, 31 Oct 2024 12:17 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पटाखों के धुंआ के कारण आंखों में जलन, लालिमा और खुजली की दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा दिवाली के बाद पटाखों को कारण आंखों में लगने वाली चोट के मरीज भी बढ़ जाते हैं। आइए जानते हैं कि त्योहार के दौरान आंखों की देखभाल कैसे करें?
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पटाखों से आंखों की समस्या - फोटो : Freepik.com
दिवाली रोशनी और उत्साह का त्योहार है। मिठाइयां, आतिशबाजी और लोगों का आपस में मेल-जोल इस त्योहार को काफी खास बना देता है। हम अपने घरों को दीपों से रोशन करते हैं, आतिशबाजी करते हैं और एक-दूसरे को उपहार देते हैं।

दिवाली नि:संदेह बहुत ही अद्भुत त्योहार है, लेकिन इस दौरान बरती गई जरा सी भी लापरवाही आपके लिए कई प्रकार की दिक्कतें बढ़ा सकती है। खान-पान में गड़बड़ी के कारण ब्लड शुगर और वजन बढ़ने का खतरा रहता है, वहीं पटाखों को लेकर बरती गई असावधानी के कारण हाथ जलने और आंखों में चोट लगने जैसे मामले भी देखे जाते रहे हैं।   

पटाखे जलाते समय आंखों को सुरक्षित रखने के लिए उपाय किया जाना बहुत जरूरी हो जाता है। पटाखे की चिंगारी और धुआं आंखों को क्षति पहुंचा सकती है। कई मामलों में आंखों की रोशनी जाने का खतरा भी देखा गया है। आइए जानते हैं कि त्योहार के दौरान आंखों की देखभाल कैसे करें और अगर आंखों में चोट लग जाए तो तुरंत कौन से उपाय किए जाने चाहिए?
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दिवाली के पटाखे - फोटो : Adobe Stock
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?

अमर उजाला से बातचीत में दिल्ली स्थित एक अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ रविंद्र प्रकाश कहते हैं, पटाखों के धुंआ के कारण आंखों में जलन, लालिमा और खुजली की दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा दिवाली के बाद पटाखों को कारण आंखों में लगने वाली चोट के मरीज भी बढ़ जाते हैं। पटाखों में मौजूद रसायन आंखों को गंभीर क्षति पहुंचा सकते हैं इसलिए सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। बच्चों को किसी बड़े के संरक्षण में ही पटाखे जलाने देना चाहिए।

पटाखों का धुआं आमतौर पर रात 10 बजे से सुबह 2 बजे के बीच सबसे ज्यादा होता है। अगर संभव हो तो इस दौरान बाहरी गतिविधियों से बचें। पटाखे जलाते समय धूप का चश्मा या गॉगल्स पहनें ताकि प्रदूषकों से बचाव हो सके और आंखों तक पहुंचने वाले कणों से भी बचा जा सके।

अगर आपको आंखों में जलन-लालिमा जैसी दिक्कत होती है तो कुछ उपाय करने जरूरी हो जाते हैं।
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आंखों को साफ पानी से धोएं - फोटो : Freepik.com
आंखों को साफ पानी से धोएं

धुएं या पटाखे के कणों के संपर्क में आने के बाद आंखों में जलन हो सकती है। ऐसे स्थिति में साफ पानी से आंखों को धोएं। अगर आपकी आंखों में खुजली या जलन महसूस होती है, तो उन्हें रगड़ने के बजाय धीरे से थपथपाएं। रगड़ने से जलन बढ़ सकती है। 

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आंखों की देखभाल - फोटो : freepik.com
कॉन्टैक्ट लेंस न पहनें 

दिवाली के दौरान कॉन्टैक्ट लेंस न पहनें। प्रदूषण के कण और रसायन लेंस के बीच फंस सकते हैं, जिसके कारण जलन होने का खतरा रहता है। कॉन्टैक्ट लेंस पहन रहे हैं तो आंखों को अच्छे से कवर करने वाला चश्मा पहनें। फुलझड़ियां जलाने से बचना चाहिए। इसके कारण आंखों को गंभीर चोट पहुंचने का खतरा सबसे अधिक देखा जाता रहा है। 
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आंखों की जांच - फोटो : Freepik.com
ज्यादा दिक्कत महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें

पटाखे जलाते समय यदि आपकी आंखों में चोट लग जाए या पटाखों के धुएं और रसायनों के कारण आंखों में जलन-खुजली बहुत ज्यादा हो रही हो तो बताए गए उपाय करें। यदि इनसे आराम न मिले तो बिना समय गंवाए नजदीकी डॉक्टर के पास जाएं। खुद से ही किसी भी प्रकार का आई ड्रॉप डालने से बचें। यदि आंखों में चोट लगी है और भले ही दर्द कम हो जाए फिर भी आंखों की जांच जरूर कराएं। आंखों की अंदरूनी चोट का तुरंत पता नहीं चलता है, परंतु भविष्य में इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

डॉक्टर कहते हैं, पटाखों जलाते समय विशेष सावधानी बरतें। किसी भी परिस्थिति में डॉक्टरी सलाह को नजरअंदाज न करें और सुरक्षित वातावरण में ही पटाखों का इस्तेमाल करें।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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