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Monkeypox: एमपॉक्स फिर बढ़ाने लगा टेंशन, 6 हफ्ते में 17 लोगों की चली गई जान; WHO ने जताई चिंता

Sat, 01 Nov 2025 06:07 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शुक्रवार (31 अक्तूबर) को कहा कि एमपॉक्स कई देशों में फैल रहा है और इस जानलेवा वायरस ने पिछले छह हफ्तों में अफ्रीका में 17 लोगों की जान ले ली है। 
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एमपॉक्स का खतरा - फोटो : Adobe stock photos
WHO on Monkeypox: दुनिया के कई देशों में संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। हाल के वर्षों में कोरोनावायरस का व्यापक प्रकोप हम सभी ने देखा। इसके अलावा निपाह, म्यूकोरमाइकोसिस जैसे संक्रामक रोगों के कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ती रही है। अब कई देशों में बढ़ रहे मंकीपॉक्स संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ अलर्ट कर रहे हैं। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शुक्रवार (31 अक्तूबर) को कहा कि एमपॉक्स कई देशों में फैल रहा है और इस जानलेवा वायरस ने पिछले छह हफ्तों में अफ्रीका में 17 लोगों की जान ले ली है। डब्ल्यूएचओ द्वारा साझा की गई एमपॉक्स मल्टी-कंट्री आउटब्रेक की 59वीं रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछले छह हफ्तों (14 सितंबर से 19 अक्तूबर तक) से अफ्रीका के 17 देशों में एमपॉक्स का सक्रिय संक्रमण जारी रहा है। इस दौरान, 2,862 लोग इसकी चपेट में आए और 17 की मौत हो गई। सबसे ज्यादा मामले कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, लाइबेरिया, केन्या और घाना जैसे देशों से सामने आए हैं। 

डब्ल्यूएचओ ने कहा, इस रिपोर्ट के पिछले संस्करण के आने के बाद से, मलेशिया, नामीबिया, नीदरलैंड, पुर्तगाल और स्पेन ने पहली बार क्लेड आईबी मंकीपॉक्स वायरस की सूचना दी है। वैश्विक स्वास्थ्य संस्था ने कहा, ये संक्रामक और जानलेवा रोग तेजी से कई देशों में फैलता जा रहा है जिसको लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है।
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मंकीपॉक्स संक्रमण का खतरा - फोटो : freepik.com
मंकीपॉक्स संक्रमण का बढ़ता खतरा

डब्ल्यूएचओ ने कहा, छह देशों इटली, मलेशिया, नीदरलैंड, पुर्तगाल, स्पेन और अमेरिका ने बिना किसी ट्रैबेल हिस्ट्री वाले व्यक्तियों में संक्रमण के मामलों की सूचना दी है, जो वायरस के स्थानीय प्रसार का संकेत देता है।अफ्रीकी देशों के अलावा अब इन देशों में भी एमपॉक्स वायरस के कम्युनिटी ट्रांसमिशन का जोखिम देखा जा रहा है। इस वायरस का संक्रमण उन लोगों में भी देखा जा रहा है जो समलैंगिक पुरुष हैं।
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मंकीपॉक्स के मामले - फोटो : freepik.com
पिछले साल भी फैला था संक्रमण

रिपोर्ट्स के अनुसार अकेले सितंबर 2025 में, डब्ल्यूएचओ के सभी क्षेत्रों के 42 देशों ने कुल 3,135 पुष्ट मामलों की सूचना दी, जिनमें 12 मौतें शामिल हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मंकीपॉक्स एक खतरनाक और जानलेवा संक्रामक रोग है, इसका संक्रमण दर अधिक है जिसके कारण अगर समय रहते ध्यान न दिया गया तो ये काफी तेजी से बढ़ सकता है। इससे पहले पिछले साल भी कई देशों में एमपॉक्स संक्रमण का कई देशों में प्रकोप देखा गया था। 

एमपॉक्स जिसे मंकीपॉक्स भी कहा जाता है, एक वायरल संक्रामक रोग है जो निकट संपर्क के माध्यम से फैलता है। इसके लक्षणों में बुखार, लिंफ नोड्स में सूजन, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते और पीठ दर्द शामिल हैं। यह मुख्य रूप से त्वचा से त्वचा के संपर्क से फैलता है।
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मंकीपॉक्स और इसके स्ट्रेन - फोटो : freepik.com
भारत में भी देखा गया था एमपॉक्स 

पिछले साल अगस्त-सितंबर में भारत में भी एमपॉक्स के मामले रिपोर्ट किए गए थे। केरल में इस रोग के खतरनाक वैरिएंट क्लेड 1 के मामले रिपोर्ट किए गए थे। इस स्ट्रेन के कारण बढ़ते जोखिमों को देखते हुए डब्ल्यूएचओ ने 14 अगस्त 2024 को मंकीपॉक्स को स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया था।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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