फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Health Tips: घर में ऐसी लाइफ स्टाइल अपना रही हैं महिलाएं तो हो सकता है सर्वाइकल कैंसर

Wed, 19 Nov 2025 01:01 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Cervical Cancer Prevention tips: सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में चौथा सबसे आम कैंसर है और कैंसर से होने वाली मौतों का चौथा प्रमुख कारण भी है। यह एक रोके जा सकने वाले कैंसर में से एक है। इसलिए आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं कि कैसे इस कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है।
विज्ञापन
1 of 5
सर्वाइकल कैंसर - फोटो : Amar Ujala
Cervical Cancer Risk Factors: सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला एक गंभीर रोग है, जो गर्भाशय ग्रीवा में शुरू होता है। इस कैंसर का मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) नामक यौन संचारित संक्रमण है। हालांकि एचपीवी संक्रमण हो बहुत आम बात है, क्योंकि ये जरूरी नहीं है कि हर संक्रमित महिला को कैंसर हो। अधिकांश एचपीवी संक्रमणों का शरीर अपने आप ही सामना कर लेता है और वे दो साल के भीतर ठीक हो जाते हैं।

मगर इस वायरस के विकास में हमारी रोजमर्रा की कुछ आदतें इसमें बड़ी भूमिका निभाती है। ये आदतें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देती हैं, जिससे शरीर HPV संक्रमण से प्रभावी ढंग से लड़ नहीं पाता और संक्रमण लंबे समय तक बना रहता है, जो आखिरकार कैंसर का रूप ले लेता है। 

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर हम इसके जोखिम कारण की मूल वजह समझ लें और सही समय पर आवश्यक सावधानियां बरतें तो इस बीमारी को रोका जा सकता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं साथ ही ये भी जानेंगे कि दिनचर्या की कौन सी गलतियां इसके जोखिम को कई गुना बढ़ा देती हैं।
विज्ञापन

2 of 5
धूम्रपान के नुकसान - फोटो : Freepik.com
धूम्रपान और तम्बाकू का सेवन
सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को बढ़ाने वाली सबसे बड़ी गलती है किसी भी रूप में धूम्रपान या तम्बाकू का सेवन करना। तम्बाकू के धुएं में मौजूद हानिकारक रसायन फेफड़ों के साथ-साथ रक्तप्रवाह के माध्यम से गर्भाशय ग्रीवा तक पहुंच जाते हैं। ये केमिकल HPV से संक्रमित कोशिकाओं के डीएनए को क्षतिग्रस्त करते हैं, जिससे कोशिकाओं का कैंसर में बदलना आसान हो जाता है।
विज्ञापन

3 of 5
सर्वाइकल कैंसर - फोटो : Freepik.com
स्क्रीनिंग टेस्ट (पैप स्मीयर) को टालना
नियमित रूप से सर्वाइकल स्क्रीनिंग टेस्ट न कराना एक बड़ी लापरवाही है। यह टेस्ट गर्भाशय ग्रीवा में होने वाले प्रीकैंसरस बदलावों को कैंसर बनने से पहले ही पहचान लेता है। 25 से 65 वर्ष की महिलाओं को नियमित रूप से स्क्रीनिंग करानी चाहिए। इस टेस्ट को टालना कैंसर के शुरू होने के जोखिम को बढ़ा देता है।

ये भी पढ़ें- Health Tips: गर्भवती महिलाओं पर प्रदूषण के प्रभाव को लेकर डॉक्टर की चेतावनी, भूलकर भी ना करें ये गलतियां

4 of 5
खराब आहार भी बढ़ा सकती है सर्वाइकल कैंसर का जोखिम - फोटो : Adobe Stock
ये आदतें इस बीमारी का जोखिम बढ़ा देती हैं
खराब आहार खाने से सर्वाइकल कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है। जब लोग प्रोसेस्ड फूड ज्यादा खाते हैं और फल-सब्जियां बहुत कम खाते हैं, तो उनकी डाइट में एंटीऑक्सीडेंट्स की कमी हो जाती है।

इस कमी के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) कमजोर हो जाती है। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में HPV संक्रमण से लंबे समय तक लड़ने की क्षमता नहीं होती है, जिससे संक्रमण बना रहता है और कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है।

ये भी पढ़ें- Health Tips: नेचुरल तरीके से बढ़ जाएगा विटामिन डी.! ये स्टडी पढ़ लें आपके काम की है..!
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
गर्भनिरोधक गोलियां खाने के नुकसान - फोटो : Adobe Stock Images
मल्टीपल प्रेग्नेंसी और गर्भनिरोधक गोलियां
कम उम्र में पहली प्रेग्नेंसी होना और बार-बार गर्भवती होना गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं को अधिक संवेदनशील बना देता है। इसके अलावा, लंबे समय तक गर्भनिरोधक गोलियों का उपयोग करना भी सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है। इसलिए किसी भी तरीके का गर्भनिरोधक गोली खाने से पहले डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें