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बर्गर, पिज्जा, मैगी और चिप्स से हो सकती है आपको दिल की बीमारी, ट्रांसफैट की मात्रा पाई गई ज्यादा

Wed, 18 Dec 2019 12:42 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अगर आप जंक फूड खाने के आदी हैं तो आपको सावधान हो जाना चाहिए क्योंकि इसमें प्रस्तावित मात्रा से ज्यादा नमक और फैट की मात्रा पाई गई है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) की रिपोर्ट में इस बात का दावा किया गया है। इसमें कहा गया है कि पिज्जा से लेकर नूडल्स, बर्गर, सैंडविच, नमकीन और चिप्स आपको बीमार कर सकते हैं और आपकी सेहत के साथ खिलवाड़ कर सकते हैं, क्योंकि इन खाद्य पदार्थों में नमक और फैट की मात्रा ज्यादा है। कई मशहूर ब्रांड के पिज्जा और बर्गर में भी ट्रांसफैट ज्यादा पाया गया है।
 
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बर्गर
सीएसई ने अपनी लैब रिपोर्ट जारी की है और इसमें बताया है कि कई पैकेट बंद खाद्य पदार्थों और जंक फूड में इतना नमक है कि आप आसानी से बीमार हो सकते हैं। सीएसई के मुताबिक दिनभर में एक व्यक्ति को 2000 किलो कैलोरी की जरूरत होती है। इसमें नमक की मात्रा 5 ग्राम, फैट 60 ग्राम, कार्बोहाइड्रेट 300 ग्राम और सिर्फ ट्रांसफैट 2.2 ग्राम से ज्यादा होना चाहिए।
 
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बर्गर
सीएसई का कहना है कि चिप्स, नूडल्स, पिज्जा, बर्गर, नमकीन सूप, फ्रेंच फ्राइज, फ्राइड चिकन और सैंडविच आदि खाद्य पदार्थों में नमक की ज्यादा मात्रा पाई गई है। सीएसई ने 33 जंक खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए और इसके बाद जुलाई में इस रिपोर्ट पर काम शुरू किया और अब बताया है कि इन सारे खाद्य पदार्थों में नमक की मात्रा ज्यादा है। सीएसई ने दिल्ली के रिटेल स्टोर और मार्केट से ये सभी सैंपल लिए थे। इनमें पिज्जा एवं जंक फूड के 19 सैंपल लिए गए थे। सभी सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे।

 

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baby corn tawa pizza - फोटो : instagram
सीएसई लैब के हेड मृणाल मलिक का कहना है कि इन सभी उत्पादों में ट्रांसफैट के बारे में कंपनियों ने अपने सैंपल में गलत जानकारी दी है। इन खाद्य पदार्थों में ट्रांसफैट की मात्रा ज्यादा पाई गई है जो कि दिल आपको दिल की बीमारी दे सकती है। ये सभी खाद्य पदार्थ तय मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। फूड रेगुलेटर एफएसएसएआई का कहना है कि एक तय सीमा से ज्यादा नमक और फैट होने पर पैकेट पर रेड लेबल रहेगा। रेड लेबल होने से बच्चों के खाने की वस्तु के बारे में साफ तौर पर पता होगा। लेकिन कई मशहूर ब्रांड के जंक फूड में इसकी अनदेखी की गई है।
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चिप्स
सीएसई का कहना है कि हल्दीराम नट क्रैकर्स, इंस्टेंट नूडल्स और सूप में (मैगी और नॉर) भी नमक की मात्रा काफी अधिक पाई गई। बर्गर (मैकडोनॉल्ड्स और बर्गर किंग), पिज्जा (डॉमिनोस और पिज्जा हट) और सैंडविच (सबवे) के सैंपल में भी यह मात्रा काफी अधिक मिली। अंकल चिप्स स्पाइसी ट्रीट (पेप्सिको), टू यम्म मल्टीग्रेन चिप्स, क्लासिक नट क्रैकर्स हल्दीराम, मैगी मसाला नेसले, आटा नूडल्स पतंजलि आदि में नमक की मात्रा ज्यादा पाई गई है। ऐसे में अगर आप इन कंपनियों के जंक फूड खाते हैं या उत्पादों का सेवन करते हैं तो आपको सावधान रहना चाहिए।
 
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burger king
सीएसई का कहना है कि टू यमी मल्टीग्रेन चिप्स जिसका विज्ञापन क्रिकेटर विराट कोहली करते हैं, उसमें एक ग्राम से लेकर तीस ग्राम चिप्स में सबसे ज्यादा नमक की मात्रा पाई गई है। इसी तरह से बर्गर किंग, पिज्जा हट और सबवे के उत्पादों में भी ट्रांसफैट ज्यादा पाया गया है।
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