नींद और मानसिक स्वास्थ्य का गहरा संबंध है। नींद से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का असर हमारे मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है। नींद के समय खर्राटों की समस्या भी लोगों में सामान्य है। हाल ही में हुए एक शोध में विशेषज्ञों ने बताया है कि खर्राटों को ठीक करने के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले इलाज से एक तिहाई से अधिक लोगों में डेमेंशिया के जोखिम को कम किया जा सकता है। डेमेंशिया के कारण लोगों को भूलने की दिक्कत होने लगती है जिसका असर हमारे कामकाज पर भी पड़ता है।