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जानें क्या है खर्राटों और डिमेंशिया के बीच संबंध? शोधकर्ताओं को पता चली यह रोचक बात

Tue, 20 Apr 2021 03:34 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
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गंभीर बीमारी है डिमेंशिया - फोटो : iStock
नींद और मानसिक स्वास्थ्य का गहरा संबंध है। नींद से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का असर हमारे मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है। नींद के समय खर्राटों की समस्या भी लोगों में सामान्य है। हाल ही में हुए एक शोध में विशेषज्ञों ने बताया है कि खर्राटों को ठीक करने के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले इलाज से एक तिहाई से अधिक लोगों में डेमेंशिया के जोखिम को कम किया जा सकता है। डेमेंशिया के कारण लोगों को भूलने की दिक्कत होने लगती है जिसका असर हमारे कामकाज पर भी पड़ता है। 
 
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खर्राटों का इलाज - फोटो : iStock
खर्राटों से परेशान लोगों को कॉटीन्यू पॉजिटिव एयरवे प्रेशर (सीपीएपी) नामक उपचार दिया जाता है। विशेषज्ञों ने पाया है कि उपचार की यह पद्धति डेमेंशिया जैसी गंभीर और असाध्य मानसिक बीमारी के इलाज में भी प्रभावी हो सकती है। दुनियाभर में डेमेंशिया के रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। आइए इस इलाज के बारे में जानते हैं।
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खर्राटों की समस्या - फोटो : social media
सीपीएपी उपचार की पद्धति में बेड के पास रखे एक मशीन से जुडे मास्क को रात में पहनना होता है। जो लगातार गले में हवा के दबाव को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा यह सोते वक्त गले में सॉफ्ट टिशू को नष्ट होने से भी रोकने में सहायता करता है। आमतौर पर इसकी कीमत 500 पाउंड यानी करीब 52 हजार रुपए होती है।

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Mental Health - फोटो : Pexels
वैज्ञानिकों का मानना है कि चूंकि यह मस्तिष्क में ऑक्सीजन की आपूर्ति को बढ़ाती है जिसके कारण लोगों में डेमेंशिया के जोखिम को कम किया जा सकता है। मिशिगन विश्वविद्यालय के  शोधकर्ता यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या बहुत ज्यादा खर्राटों से परेशान लोगों के इलाज करने का मतलब है कि उन्हें डिमेंशिया होने की संभावना कम है?
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
शोधकर्ताओं ने स्लीप एपनिया वाले 50,000 रोगियों पर अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि जिन लोगों को सीपीएपी का उपचार दिया गया उनमें डिमेंशिया विकसित होने का खतरा बहुत कम पाया गया।


स्रोत और संदर्भ: 
Obstructive sleep apnea treatment and dementia risk in older adults
https://umich.altmetric.com/details/102832772

अस्वीकरण नोट:  यह लेख मिशिगन विश्वविद्यालय के स्टडी के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। 
 
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