फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Covid-19: भारत में कहां-कहां रिपोर्ट किए गए नए वैरिएंट के मामले? FLiRT के बारे में जानिए तीन महत्वपूर्ण बातें

Thu, 23 May 2024 07:18 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
भारत में कोरोना का खतरा - फोटो : PTI
कोरोना के नए वैरिएंट के मामले कई देशों में तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले एक महीने के भीतर भारत में भी संक्रमितों की संख्या में उछाल देखा गया है। इंडियन सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG या इंसाकॉग) द्वारा साझा की गई जानकारियों के मुताबिक नए वैरिएंट FLiRT (फिलर्ट) के अब तक 325 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। सिंगापुर में कोरोना के जोखिमों को बढ़ाने वाले फिलर्ट वैरिएंट KP.2 के मामले भारत में भी बढ़ रहे हैं, जिसको लेकर सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। 

यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) द्वारा साझा की गई नए वैरिएंट की प्रारंभिक जानकारियों के मुताबिक फिलर्ट भी ओमिक्रॉन वैरिएंट का ही एक रूप है। इसकी प्रकृति भी पहले के वैरिएंट्स से मिलती-जुलती देखी जा रही है। फिलर्ट में कुछ नए म्यूटेशन जरूर हैं जो इसे आसानी से शरीर में प्रवेश करने और संक्रमण बढ़ाने वाला बनाते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को कोरोना से बचाव को लेकर सावधानी बरतते रहने की सलाह दी है।
विज्ञापन

2 of 5
कोरोना संक्रमण - फोटो : istock
किन राज्यों में रिपोर्ट किए गए कोरोना के मामले?

इंसाकॉग द्वारा साझा की गई जानकारियों के मुताबिक कोरोना के इस नए वैरिएंट के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट में रिपोर्ट किए गए हैं। महाराष्ट्र में इस नए वैरिएंट से संक्रमित 148 मामलों की पहचान की गई है। इसे बाद पश्चिम बंगाल में 36 लोगों को संक्रमित पाया गया है। गुजरात में 23, राजस्थान में 21, ओडिशा में 17, उत्तराखंड में 16, गोवा में 12, उत्तर प्रदेश में 8, कर्नाटक में 4, हरियाणा में 3, मध्य प्रदेश और दिल्ली में एक-एक लोगों में नए वैरिएंट से संक्रमितों की पहचान की गई है। 

आइए इस नए वैरिएंट के बारे में महत्वपूर्ण बातें जानते हैं।
विज्ञापन

3 of 5
कोरोना के मामले - फोटो : istock
1. अपशिष्ट जल में मिला ये नया वैरिएंट

सीडीसी द्वारा साझा की गई जानकारियों के मुताबिक पहली बार अपशिष्ट जल की जांच के दौरान कोरोना के इस नए वैरिएंट की पहचान की गई थी। अब तक सिंगापुर, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम और भारत सहित कई देशों में इसके मामले देखे जा चुके हैं। 

सिंगापुर इस नए वैरिएंट से सबसे ज्यादा प्रभावित देश है। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्तमान में सिंगापुर में दो-तिहाई से अधिक मामले इसी वैरिएंट से संबंधित हैं। 3 मई तक, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने KP.2 को 'वैरिएंट अंडर मॉनिटरिंग' के रूप में वर्गीकृत किया है। 

4 of 5
कोरोना के नए वैरिएंट्स - फोटो : PTI
2. फिलर्ट वैरिएंट के बारे में क्या-क्या पता चला?

येल मेडिसिन की रिपोर्ट के मुताबिक फिलर्ट वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में कुछ म्यूटेशन हैं जो इसकी संक्रामकता को बढ़ा सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ये उत्परिवर्तन वायरस को इंसानो के शरीर में बनी प्रतिरक्षा को आसानी से चकमा देने के योग्य बनाते है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि जिस गति से ये नया वैरिएंट बढ़ रहा है, ये जल्द ही ओमिक्रॉन के JN.1  को पीछे छोड़ सकता है। सर्दियों के दौरान JN.1 के मामले सबसे ज्यादा देखे जा रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कोरोना से बचाव के तरीके - फोटो : istock
नए वैरिएंट से कैसे करें बचाव?

येल मेडिसिन में संक्रामक रोगों के विशेषज्ञ डॉ स्कॉट रॉबर्ट्स कहते हैं, कोरोना के इस नए वैरिएंट के जोखिमों से बचे रहने के लिए कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहना जरूरी है। मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग और हाथों की स्वच्छता जैसे उपाय करते रहना आवश्यक है। डॉ. रॉबर्ट्स कहते हैं, टीकाकरण अभी भी कोरोना से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। कोविड के नवीनतम टीके, नए वैरिएंट्स के कारण होने वाली जटिलताओं को कम करने में मददगार हो सकते हैं।


--------------
स्रोत और संदर्भृ
Potential impact of the new strains


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें