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Covid-19: कोरोना संक्रमण का बढ़ता खतरा, क्या बचाव के लिए बूस्टर के बाद एक और टीके की जरूरत?

Wed, 29 Mar 2023 03:25 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोविड वैक्सीनेशन - फोटो : Istock
देश में पिछले 10 दिनों से कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से उछाल देखा जा रहा है। करीब पांच महीनों के बाद एक बार फिर से दैनिक मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पिछले 24 घंटे में देश में 1800 से अधिक लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते केस के लिए ओमिक्रॉन XBB.1.16 सब-वैरिएंट को कारण माना जा रहा है। अध्ययनों में पाया गया है कि यह सब-वैरिएंट अत्यधिक संक्रामकता वाला है और इसकी इम्यून स्केप क्षमता आसानी से उन लोगों को भी संक्रमित कर सकती है जिनका वैक्सीनेशन हो चुका है।

अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि जिन लोगों का टीकाकरण हुआ है उनमें ये नए वैरिएंट्स गंभीर रोग का कारण बनते नहीं देखे जा रहे हैं, पर कोरोना वायरस में हुए म्यूटेशन इसे प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा देकर ऐसे लोगों को भी संक्रमित करने में मदद कर रहे हैं।

ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि देश को क्या चौथे वैक्सीन डोज की जरूरत है जो इन नए वैरिएंट्स से संक्रमण के खतरे को कम कर सके? आइए इस बारे में जानते हैं।
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कोरोना वैक्सीन संक्रमण से बचाने में कारगर - फोटो : Pixabay
कई देशों में चौथे डोज को मिली है मंजूरी

इसी माह की शुरुआत में यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए फाइजर के ओमिक्रॉन बूस्टर शॉट को मंजूरी दे दी है। जिन बच्चों को पहले से ही कंपनी के टीके की तीन खुराक मिल चुकी है, वह अब इसकी चौथी डोज भी ले सकते हैं। छह महीने से चार साल की उम्र के बच्चे जिन्होंने दो महीने से अधिक समय पहले फाइजर और बायोएनटेक के मूल मोनोवालेंट शॉट्स के साथ अपनी तीन-खुराक श्रृंखला पूरी की थी, वे अब चौथे शॉट के पात्र हैं।

कंपनी का दावा है कि ये चौथी डोज ऑमिक्रॉन BA.4 और BA.5 को लक्षित करती है। इससे पहले दिसंबर में बांग्लादेश में भी 60 साल से अधिक उम्र वालों को वैक्सीन की चौथी खुराक दी गई थी।
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कोविड की चौथी वैक्सीन? - फोटो : istock
चौथे डोज की जरूरत नहीं

कोविड वैक्सीन की चौथी खुराक की प्रभाविकता को जानने के लिए कर्नाटक राज्य द्वारा संचालित श्री जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवास्कुलर साइंसेज एंड रिसर्च द्वारा एक अध्ययन किया गया। इसमें कोविशील्ड वैक्सीन की बूस्टर खुराक प्राप्त कर चुके 350 प्रतिभागियों की प्रतिरक्षा स्थिति का आकलन करने के लिए किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि उन सभी में सुरक्षात्मकता पाई गई। अ

ध्ययन ने यह भी निष्कर्ष निकाला कि फिलहाल टीके की चौथी खुराक की कोई आवश्यकता नहीं है। बूस्टर शॉट ही कोरोना के गंभीर रोग को कम करने के लिए पर्याप्त है।

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कोरोना के गंभीर रोगों से बचाती है वैक्सीन - फोटो : PTI
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च में महामारी विज्ञान और संचारी रोगों के पूर्व प्रमुख डॉ. रमन गंगाखेडकर ने भी एक रिपोर्ट में कहा है कि फिलहाल देश में कोविड-19 की चौथी खुराक की आवश्यकता नहीं है। वह कहते हैं अगर किसी व्यक्ति ने कोविड-19 टीके की तीसरी खुराक ली है, तो इसका मतलब है कि उसमें टी-सेल प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया अधिक है जो कोरोना से सुरक्षा देने के लिए काफी है। नए वैरिएंट में बदलाव जरूर आए हैं पर यह मूल वायरस से इतना भी अलग या खतरनाक नहीं है कि हमें एक खास टीके की आवश्यकता हो। फिलहाल तीन टीके ही पर्याप्त हैं।
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टीकाकरण सभी के लिए जरूरी - फोटो : पीटीआई
जरूर कराएं टीकाकरण

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एक बार फिर से जोर देते हुए उन सभी लोगों से अपील की है जिनका वैक्सीनेशन नहीं हुआ है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स के संक्रमण की स्थिति में टीकाकरण, विशेषतौर पर बूस्टर डोज ले चुके लोगों में खतरा कम देखा जा रहा है। वहीं जिन लोगों का वैक्सीनेशन नहीं हुआ है उनमें न सिर्फ गंभीर संक्रमण का जोखिम अधिक है साथ ही ऐसे लोगों से दूसरों में भी संक्रमण हो सकता है। इस जोखिम को कम करने के लिए सभी लोगों को जल्द से जल्द टीकाकरण जरूर करा लेना चाहिए।
 
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नोट:
यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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