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Omicron Variant: कोविड वैक्सीन के असर को लेकर वैज्ञानिकों का बड़ा दावा, इस बात को लेकर जताई चिंता

Wed, 22 Dec 2021 03:09 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दुनियाभर में कोरोना का संक्रमण - फोटो : iStock
कोरोना के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट से दुनिया के तमाम देश प्रभावित हैं।  भारत समेत कई देशों में ओमिक्राॅन के मामले बढ़ते जा रहे हैं। भारत में तो ओमिक्राॅन के मामले 200 का आंकडा पार कर चुके हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस वैरिएंट से बचाव करते रहना सभी के लिए आवश्यक है क्योंकि वैरिएंट की प्रकृति काफी चिंतित करने वाली है। ब्रिटेन में तो ओमिक्राॅन के बढ़ते मामलों के कारण एक बार फिर लाॅकडाउन जैसे हालात बनने लगे हैं। ओमिक्रॉन से बचाव के लिए वैज्ञानिक कई स्तरों पर अध्ययन कर रहे हैं।

ओमिक्रॅन पर अमेरिका स्थित व्हाइट हाउस के शीर्ष चिकित्सा सलाहकार ने जानकारी दी कि कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट दुनियाभर में तेजी से बढ़ता जा रहा है। अमेरिका के प्रमुख संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ एंथनी फौसी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच हमारे लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि देश में अभी भी बड़ी संख्या में लोगों को वैक्सीनेशन नहीं हुआ है, वहीं दूसरी तरफ ओमिक्रॉन के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच ओमिक्रॉन पर वैक्सीन की प्रभाविकता को लेकर वैज्ञानिकों की एक टीम ने बड़ा दावा किया है, आइए इस बारे में आगे की स्लाइडों में जानते हैं।
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ओमिक्रॉन के बढ़ते मामले - फोटो : iStock
अप्रत्याशित है कोरोना
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज के निदेशक डॉ एंथनी फौसी कहते हैं, कोरोना से दुनिया को कब तक छुटकारा मिल पाएगा फिलहाल इस बारे में कहना थोड़ा कठिन लग रहा है। पिछले दो साल में जिस तरह के हालात देखने को मिले हैं उसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि कोरोना वास्तव में बहुत अप्रत्याशित है। वैक्सीनों को फिलहाल सुरक्षात्मक माना जा रहा है, हालांकि देश में अब भी बड़ी संख्या में लोगों का टीकाकरण होना बाकी है। 
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ओमिक्रॉन पर वैक्सीन का असर - फोटो : pixabay
वैक्सीन की प्रभाविकता को लेकर अध्ययन
वैक्सीनेशन को लेकर अध्ययन कर रही शोधकर्ताओं की एक टीम में बड़ा दावा किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि दुनियाभर में प्रयोग में लाए जा रहे कोविड-19 के ज्यादातर टीके फिलहाल ओमिक्रॉन पर असरदार नहीं देखे जा रहे हैं। वैक्सीन, कोरोना के गंभीर संक्रमण के खिलाफ सुरक्षा तो दे सकती हैं हालांकि यह संक्रमण से सुरक्षित रखने में कितनी कारगर हो सकती हैं, इसपर अब भी प्रश्न चिन्ह लगा हुआ है।

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फाइजर वैक्सीन हो सकती है असरदार - फोटो : Pixabay
फाइजर और मॉडर्ना वैक्सीन अपेक्षाकृत प्रभावी
शोधकर्ताओं का कहना है कि अब तक के अध्ययनों में सिर्फ फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन शॉट्स को ज्यादा असरदार देखा गया है, हालांकि बड़ी बात यह है कि यह वैक्सीन हर जगह उपलब्ध नहीं हैं। वहीं एस्ट्राजेनेका, जॉनसन एंड जॉनसन और अन्य टीकों को ओमिक्रॉन के प्रसार को रोकने में बहुत कारगर नहीं पाया गया है। हालांकि यह प्रारंभिक अध्ययन की रिपोर्ट है, इस बारे में विस्तार से जानने के लिए शोध जारी है। 
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नेजल वैक्सीन की प्रभाविकता - फोटो : iStock
नेजल वैक्सीन हो सकता है असरदार विकल्प
ओमिक्रॉन से सुरक्षा के लिए अध्ययन में शोधकर्ताओं की एक टीम में नेजल वैक्सीन को ज्यादा असरदार पाया है। साइंस इम्यूनोलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि नेजल वैक्सीन के माध्यम से शरीर में कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोका जा सकता है। चूहों पर किए गए अध्ययन में इसके बेहतर परिणाम देखने को मिले हैं। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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