कोरोना ने नए वैरिएंट्स से जोखिमों के बारे में जानिए
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भारत में ज्यादा नहीं होगा BF.7 का असर
डॉ आशीष जैन कहते हैं, अध्ययनों से पता चलता है कि BF.7, ओमिक्रॉन का ही एक सब-वैरिएंट है, ऐसे में अगर इसका भारत में भी प्रसार बढ़ता है तो ज्यादा चिंता की आवश्यकता नहीं है। इसके दो कारण हैं,
पहला ओमिक्रॉन के तमाम वैरिएंट्स को पहले ज्यादा गंभीर रोककारक नहीं देखा गया है। यह संक्रामक तो हैं पर इसके कारण गंभीर रोगों का खतरा कम होता है।
और दूसरा- चूंकि पहले भी देश में ओमिक्रॉन की एक लहर आ चुकी है जिसमें ज्यादातर लोग संक्रमित हुए थे, ऐसे में अगली बार इसका लोगों पर असर कम ही होगा।
हालांकि अभी इन नए वैरिएंट्स की प्रकृति के बारे में अध्ययनों में बहुत स्पष्ट नहीं है ऐसे में जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है।