Coronavirus Effect
- फोटो : PTI
डॉ. असलान बताती हैं, ऐसा लगता है जैसे हम युद्धक्षेत्र में हों। मेरी टीम के लोग घर जाना ही भूल जाते हैं, आठ घंटे के बाद भी वो काम करते रहते हैं। वो घर जाने की परवाह नहीं करते क्योंकि वो जानते हैं कि वो अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। कहती हैं कि उन्होंने मार्च 11, यानी पहले दिन से ही वायरस को ट्रैक करना शुरू कर दिया था, इसमें खसरे की बीमारी को ट्रैक करने का उनका अनुभव काम आया। वो कहती हैं, "हमारी योजना तैयार थी। हमने सिर्फ अलमारी से अपनी फाइलें निकालीं और हम काम पर लग गए।"