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Covid-19: विशेषज्ञों की चेतावनी- कोरोना से कोई भी सुरक्षित नहीं, ज्यादातर लोगों में देखे जा रहे हैं ये दो लक्षण, बरतें सावधानी

Sat, 02 Jul 2022 04:44 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला. नई दिल्ली
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कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले - फोटो : Pixabay
वैश्विक स्तर पर पिछले दो साल से अधिक समय से कोरोना महामारी गंभीर संकट का कारण बनी हुई है। भारत के नजरिए से देखें तो पिछले एक महीने से देश में संक्रमण के दैनिक मामलों में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। संक्रमण के दैनिक मामले 17 हजार के आंकड़े को भी पार कर रहे हैं जो पिछले चार महीने में सबसे अधिक है। देश में एक बार फिर से बढ़ते इस संकट को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अलर्ट रहने की सलाह देते हैं।

पिछले एक महीने से देश में बढ़ रहे केस के लिए विशेषज्ञ ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स को प्रमुख कारक के तौर पर देख रहे हैं। इन वैरिएंट्स को अध्ययनों में अपेक्षाकृत अधिक संक्रामकता दर वाला बताया जा रहा है।

देश में बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों को महामारी प्रबंधन को लेकर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। हाल ही में हुए एक उच्च स्तरीय बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने सभी राज्यों को बुजुर्गों-बच्चों के टीकाकरण और बढ़ते मामलों के जीनोम सिक्वेंसिंग पर ध्यान केंद्रित करते हुए देश में कोविड की स्थिति की सख्ती से निगरानी करने की सलाह दी। वहीं अध्ययनकर्ताओं का कहना है वायरस में हुए म्यूटेशन के कारण सामने आ रहे नए वैरिएंट्स से संक्रमितों में कई नए लक्षण भी देखे जा रहे हैं। आइए इस खतरे के बारे में विस्तार से समझते हैं।
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कोरोना संक्रमण को लेकर अलर्ट - फोटो : PTI
विशेषज्ञों ने किया सावधान

कोविड संक्रमण और उसके जोखिमों को लेकर अध्ययन कर रही वैज्ञानिकों की एक टीम का कहना है कि समय के साथ कोरोना वायरस के व्यवहार में परिवर्तन देखा जा रहा है। जहां एक ओर कोविड-19 का डर अभी भी बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर हमें यह भी जानना चाहिए कि हर खांसी-जुकाम, बुखार की समस्या कोविड नहीं है।

महामारी के दौरान यह देखा गया कि जिन लोगों को पहले से ही गंभीर समस्याएं थी उनका सही तरीके से मेडिकल चेकअप और इलाज नहीं हो पाया जिसके परिणामस्वरूप उनकी स्थिति और बिगड़ गई। कोविड के नए लक्षणों को समझने के साथ हमें दूसरी बीमारियों की गंभीरता पर भी ध्यान देते रहना होगा। नए वैरिएंट्स के साथ कोविड-19 के लक्षणों में बदलाव देखा जा रहा जिसे समझना बहुत आवश्यक है। 
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संक्रमितों में सिरदर्द की समस्या - फोटो : Pixabay
कोरोना संक्रमितों में लक्षण

कोरोना संक्रमण के नए लक्षणों की जांच कर रही वैज्ञानिकों की टीम ने जोई कोविड स्टडी ऐप से प्राप्त डेटा के आधार पर बताया कि मौजूदा समय में संक्रमण के शिकार हो रहे ज्यादातर लोगों में सिरदर्द की समस्या देखी जा रही है। यह आमतौर पर कोविड-19 की शुरुआत से ही होता है और आमतौर पर तीन से पांच दिनों के बीच रह सकता है। यह समस्या मध्यम से गंभीर भी हो सकती है, साथ ही इसमें बुखार होना आवश्यक नहीं है। यदि सिरदर्द लंबे समय तक बना रहता है तो इसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। 

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संक्रमितों की मांसपेशिय़ों में दर्द - फोटो : Pixabay
मांसपेशियों में दर्द

सिरदर्द के साथ कोरोना संक्रमितों में मांसपेशियों में दर्द की दिक्कत भी काफी सामान्य देखी जा रही है। विशेषरूप से ओमिक्रॉन के इस वेब में इसे एक विशिष्ट लक्षण के रूप में देखा गया था। कोविड-19 से संक्रमित लोगों को मांसपेशियों में दर्द महसूस होता है, यह खासकर कंधों और पैरों में बनी रहने वाली समस्या हो सकती है। मांसपेशियों में दर्द के साथ अत्यधिक थकान या कमजोरी के लक्षणों को लेकर भी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। 
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कोरोना के जोखिम के बारे में जानिए - फोटो : Pixabay
कोरोना संक्रमण का खतरा सभी लोगों में

बढ़ते संक्रमण के जोखिम को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही आप वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हैं फिर भी कोरोना से खुद को पूरी तरह से सुरक्षित समझने की गलती न करें। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि जिन लोगों को बूस्टर शॉट भी लग चुका है वह भी कोरोना के शिकार हो रहे हैं। इस संक्रमण से बचाव के लिए सभी लोगों को निरंतर कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहना चाहिए।

वैक्सीनेशन की महामारी की रोकथाम में विशेष भूमिका है पर यह सिर्फ आपको गंभीर रोग और मृत्यु के खतरे से ही बचा सकती है। 


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नोट: यह लेख यूनिसेफ द्वारा साझा की गई रिपोर्ट और सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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