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Coronavirus: फरवरी 2020 तक देश की आधी आबादी हो सकती है कोरोना संक्रमित 

Tue, 20 Oct 2020 04:25 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
देश में अगले साल तक कम से कम आधी आबादी कोरोना संक्रमण का शिकार हो सकती है। यानी 130 करोड़ में से करीब 65 करोड़ लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते हैं। केंद्र सरकार की ओर से गठित विशेषज्ञ समिति के सदस्य ने ऐसा अनुमान लगाया है। हालांकि पैनल का यह भी मानना है कि इतनी बड़ी आबादी के संक्रमित होने के बाद महामारी की रफ्तार धीमी हो जाएगी। खबरों के मुताबिक, तबतक देश में कोरोना वायरस की वैक्सीन भी उपलब्ध हो सकती है और लोगों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू हो सकता है। बता दें कि चीन और रूस में आपातकालीन उपयोग की अनुमति के बाद उच्च जोखिम वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। वहीं, इंडोनेशिया में भी नवंबर और दिसंबर में 90 लाख से ज्यादा लोगों के टीकाकरण की योजना है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में अमेरिका के बाद भारत दूसरे नंबर पर है। हालांकि पिछले महीने की तुलना में नए कोरोना संक्रमण के मामले कम हुए हैं। सोमवार को सरकार की ओर से गठित समिति के सदस्य आईआईटी, कानपुर के प्रोफेसर मणिंद अग्रवाल ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि उनके गणितीय मॉडल के मुताबिक, देश में करीब 30 फीसदी कोरोना से संक्रमित हो चुकी है। फरवरी तक यह आंकड़ा 50 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
जीरो सर्वे और सीरोलॉजिकल सर्वे को लेकर समिति सदस्य ने कहा कि इन आंकड़ों से वह ज्यादा सहमति नहीं रखते है। इस सर्वे के आधार पर केंद्र सरकार ने दावा किया है कि सितंबर तक देश की करीब 14 फीसदी आबादी कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि सर्वे शायद सही मानकों के अनुकूल नहीं हुआ हो। 

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Coronavirus Test - फोटो : पीटीआई
समिति सदस्य ने कहा कि हमने एक नया गणितीय मॉडल विकसित किया है जो स्पष्ट रूप से अप्रमाणित मामलों को भी ध्यान में रखता है। इसलिए हम संक्रमित लोगों को दो श्रेणियों में बांट सकते हैं, इनमें रिपोर्ट किए गए मामलों के अलावा रिपोर्ट नहीं किए गए मामले भी हैं। यह बात तो सामान्य है कि सरकार के पास वही आंकड़े हैं, जिनमें जांच कराने वाले लोगों की रिपोर्ट है। बहुत ऐसे संक्रमित भी हो सकते हैं, जिन्होंने जांच नहीं कराई हो। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
समिति सदस्य ने इस आशंका के प्रति सावधान किया है कि अगर सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क का इस्तेमाल और अन्य एहतियात नहीं बरते गए तो संक्रमण के मामले अप्रत्याशित गति से बढ़ सकते हैं। उनका अनुमान है कि लगभग 26 लाख केस हर महीने आ सकते हैं। पर्व-त्योहार के समय मामलों में वृद्धि होने की आशंका जताई गई है। 
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