बीते साल दिसंबर में चीन से निकला कोरोना वायरस अब दुनिया के ज्यादातर देशों को अपनी चपेट में ले चुका है। ये घातक वायरस दुनिया भर में करीब दो लाख से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है और इसका कहर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पूरे विश्व के डॉक्टर, वैज्ञानिक आज इस एक वायरस को रोकने कोशिश में हैं, लेकिन टीके के अभाव में उनके लिए भी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
ऐसे में कॉन्वालेसंट प्लाज्मा थेरेपी ने थोड़ी उम्मीद जगाई है और भारत समेत दुनिया के कई दूसरे देश भी कोरोना को हराने में इसकी मदद लेना चाहते हैं। कहा जा सकता है कि प्लाज्मा थेरेपी 'डूबते को तिकने का सहारा' की तरह सामने आई है।