ब्रिटेन और अमेरिका की तरह भारत ने तो अभी तक किसी भी वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी नहीं दी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यहां जनवरी से कोरोना के टीके लगने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह तो पहले ही तय हो चुका है कि टीकाकारण योजना के तहत पहले 30 करोड़ लोगों का टीकाकरण किया जाएगा। इसमें एक करोड़ स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल होंगे, जिसमें पुलिसकर्मियों और नगर निगम के कर्मचारियों सहित फ्रंटलाइन वर्कर्स भी होंगे। इसके बाद 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों या जिन्हें दूसरी कई बीमारियां हैं, उन्हें टीका लगाया जाएगा। लेकिन इसमें सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या बच्चों, गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी कोरोना की वैक्सीन मिलेगी? आइए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ...