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Coronavirus Vaccine: वैक्सीन के दोनों डोज लेने के बाद कितने दिन तक एंटीबॉडी शरीर में बने रहेंगे? विशेषज्ञ से जानें

Wed, 20 Jan 2021 09:29 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारत में कोरोना टीकाकरण - फोटो : PTI
भारत में कोरोना टीकाकरण अभियान को शुरू हुए पांच दिन हो चुके हैं और इन पांच दिनों में अब तक सात लाख 87 हजार 842 लोगों को टीका लगाया जा चुका है। अपर स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर मनोहर अगनानी ने यह जानकारी दी। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बुधवार को एक लाख 12 हजार सात लोगों को टीके की पहली खुराक दी गई। बुधवार को देश के 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में टीकाकरण के तहत 14 हजार 119 केंद्रों पर टीके लगाए गए। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कि कोरोना वैक्सीन से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब...
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
वैक्सीन को लेकर अभी भी लोगों में संशय है, उस पर आप क्या कहेंगे? 
  • दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के डॉ. नितेश कहते हैं, 'हमारे देश में करीब छह लाख लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। उनमें मात्र 0.01 फीसदी लोगों में ही साइड-इफेक्ट दिखे, वो भी बहुत हल्के इफेक्ट थे। केवल 0.001 फीसदी लोगों में ही गंभीर साइड-इफेक्ट देखे गए हैं। जैसा कि आम वैक्सीन में भी होता है। इससे यह साफ है कि हमारे देश में बनाई गई कोविड वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
वैक्सीन लगवाने से पहले क्या मेडिकल हिस्ट्री पूछी जाती है? 
  • डॉ. नितेश कहते हैं, 'जब आप वैक्सीन लगवाने केंद्र पर जाते हैं, तब आपको एक लिखित फॉर्म दिया जाता है, जिसमें लिखा होता है कि क्या आप पहले से किसी प्रकार की दवाइयां ले रहे हैं, महिलाओं से पूछा जाता है कि कहीं वो गर्भवती तो नहीं हैं, पहले किसी वैक्सीन से एलर्जी तो नहीं हुई है, अगर एलर्जी है, तो किन चीजों से है। कुल मिलाकर वो सभी बातें लिखी होंगी, जिनके तहत वैक्सीन देने की मनाही है। सभी बिंदुओं को आपको पढ़ना होता है। अगर उसमें से कुछ भी है तो वैक्सिनेटर को जरूर बताएं। अगर आपकी कोई भी मेडिकल हिस्ट्री है, तो आप उसे छुपाएं नहीं।' 

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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या हम वैक्सीन की एक डोज लेकर निश्चिंत हो सकते हैं? 
  • डॉ. नितेश कहते हैं, 'नहीं! किसी भी शरीर में जब कोई किटाणु प्रवेश करता है, तब शरीर उससे लड़ने के लिए एंटीबॉडी बनाता है। इसमें कितना समय लगेगा, यह व्यक्ति-व्यक्ति पर निर्भर करता है। इसी प्रकार वैक्सीन की पहली डोज के बाद पर्याप्त एंटीबॉडी बन जाएंगे, यह जरूरी नहीं है। इसलिए दूसरी डोज यानी बूस्टर डोज लेना जरूरी होता है। दोनों डोज लेनी ही लेनी है, क्योंकि जितने भी अध्ययन हुए हैं, वो दो डोज पर हुए हैं।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
वैक्सीन के दोनों डोज लेने के कितने दिन तक एंटीबॉडी हमारे शरीर में बने रहेंगे? 
  • डॉ. नितेश कहते हैं, 'वैक्सीन लेने के बाद कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी कितने दिन तक बने रहेंगे, इस प्रकार का कोई अध्ययन फिलहाल नहीं आया है। अभी तक तीसरी डोज का कोई प्रावधान नहीं है। एक अनुमान के अनुसार कम से कम छह महीने तक एंटीबॉडी शरीर में रहेंगे। हो सकता है उससे ज्यादा दिन तक भी रहें। दरअसल यह निर्भर करता है कि जिसको वैक्सीन दी जा रही है, उसकी खुद की इम्यूनिटी कैसी है।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
जब कई करोड़ लोगों को वैक्सीन लग चुकी होगी, क्या तब भी कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर अपनाना होगा? 
  • डॉ. नितेश कहते हैं, 'हमें इस चीज को नहीं भूलना चाहिए कि कोरोना वायरस के खिलाफ हमारा पहला हथियार कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर (कोरोना से बचने के उपयुक्त उपाय) ही है। वैक्सीन आने के पहले से हम इसे अपनाते आ रहे हैं। जब हमारे पास कुछ नहीं था, तब से हम मास्क लगा रहे हैं, हाथों को बार-बार धो रहे हैं, दूरी बनाकर रख रहे हैं। इसे लंबे समय तक जारी रखना होगा।' 
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