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क्या अब कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है या भारत में इसकी अगली लहर भी आ सकती है? विशेषज्ञ से जानें सबकुछ

Tue, 19 Jan 2021 01:10 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
भारत में एक तरफ जहां कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान शुरू हो गया है, तो वहीं यहां इस बीमारी से ठीक होने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। अब तक यहां एक करोड़ दो लाख से अधिक लोग संक्रमण से ठीक हो चुके हैं और इसी के साथ कोविड से स्वस्थ होने वालों की दर बेहतर होकर 96.59 फीसदी हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि देश में कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या में भी काफी कमी आई है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अब लोगों को कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है या हमारे देश में इसकी अगली लहर भी आ सकती है? आइए विशेषज्ञ से जानते हैं ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब... 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
देश में कोरोना के प्रतिदिन मरीजों की संख्या तो कम हो रही है, फिर चिंता क्यों करें? 
  • भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के डॉ. रमन आर. गंगाखेडकर कहते हैं, 'हमारे देश में नंबर कम हो रहे हैं, यह खुशी की बात है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बेफ्रिक हो जाएं। जिन देशों में दूसरी या तीसरी लहर आई है, वहां के अस्पतालों में मरीजों को रखने की जगह नहीं है। अब हमारे देश की जनसंख्या इतनी अधिक है, कि ऐसी स्थित अगर हमारे यहां आई, तो स्थिति कितनी भयावह हो सकती है, इसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कब तक हम सभी को न्यू नॉर्मल में रहना है? 
  • डॉ. रमन आर. गंगाखेडकर कहते हैं, 'जब तक पूरी दुनिया के लोगों को वैक्सीन नहीं मिल जाती, और कोई भी देश अपनी किसी भी जगह पर अगर इस वायरस के फैलाव को रोकने में नाकाम रहता है, तो हमें उस परिस्थिति के लिए तैयार रहना है कि वो बीमारी हमारे देश में भी आ सकती है और पहले से अधिक फैल सकती है। इसलिए मास्क लगाना चाहे अच्छा लगे या नहीं लगे, वैक्सीन मिले या नहीं मिले, हमको कोविड नियमों का पालन करते हुए न्यू नॉर्मल का पालन करना होगा।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या अब कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है? 
  • डॉ. रमन आर. गंगाखेडकर कहते हैं, 'एक साल के भीतर वैक्सीन बनना किसी चमत्कार से कम नहीं और यह चमत्कार हुआ है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोविड-19 वायरस कमजोर पड़ गया है। यह भी नहीं सोचना है कि अब हमें कोविड से डरना नहीं है और कभी न कभी तो मैं वैक्सीन लगवा लूंगा। वैक्सीन आपको मिले या नहीं मिले, न्यू नॉर्मल में हम सभी को अगले दो-तीन वर्षों तक रहना ही है। यह बीमारी कब वापस लौट आए, यह कोई नहीं जानता।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या हमारे देश में कोरोना की अगली लहर आ सकती है? 
  • डॉ. रमन आर. गंगाखेडकर कहते हैं, 'हां, इस बात का खतरा बहुत ज्यादा है। हमारे देश में लोग कोविड नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। लोग यह सोच रहे हैं कि बिना मास्क के घूमने के बावजूद संक्रमण तो बढ़ नहीं रहा है, तो क्या जरूरत मास्क लगाने की। ध्यान रहे, जिन देशों में दूसरी या तीसरी लहर आई हैं, वहां के हाल बहुत बुरे हैं, वहां मरीजों की संख्या लाखों में बढ़ रही है। हमारे यहां अभी पहली लहर ही जारी है, नंबर कम हुए हैं, खत्म नहीं, और ये नंबर कभी भी बढ़ना शुरू हो सकते हैं।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या वैक्सीन से हर्ड इम्यूनिटी विकसित हो जाएगी? 
  • डॉ. रमन आर. गंगाखेडकर कहते हैं, 'सितंबर में हुए सीरो सर्वे में पाया गया कि सात फीसदी लोग कोविड से संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं। दिसंबर-जनवरी का सर्वे अभी जारी है, अगर इसमें संख्या ढाई गुना तक बढ़ती है, तो भी 20 फीसदी लोग ही ऐसे होंगे, जिनमें कोविड के खिलाफ एंटीबॉडी होंगे, जबकि हर्ड इम्यूनिटी के लिए कम से कम 70 फीसदी लोगों के शरीर में एंटीबॉडी होना जरूरी है। लिहाजा इस संख्या तक पहुंचने के लिए वैक्सीन एक कारगर उपाय है।' 
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