शोध (फाइल फोटो)
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दवा कंपनी ने इस ट्रायल में करीब 1000 कोरोना मरीजों को शामिल किया था। इन मरीजों को दो समूह में अलग कर रेमेडेसिविर और प्लेसिबो दी गई। अध्ययन के दौरान पता चला कि रेमडेसिविर वाले मरीज, प्लेसीबो वाले मरीजों की तुलना में जल्दी से ठीक हो गए। जिन मरीजों को रेमडेसिविर दी गई, उनकी रिकवरी 31 फीसदी तेजी से हुई। इस बारे में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शस डिसीज के निदेशक एंथोनी फॉसी का कहना है कि 100 फीसदी सुधार की जगह 31 फीसदी तेजी से सुधार बहुत बेहतर परिणाम नहीं है, लेकिन यह अहम है। कम से कम यह तो साबित हो ही रहा कि यह दवा इस वायरस को रोक सकती है।