कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच अलग-अलग तरीकों से मरीजों का इलाज हो रहा है। जबतक वैक्सीन नहीं आ जाती, हमें तमाम एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है। फिलहाल, दवाओं के जरिए कोरोना मरीज स्वस्थ हो रहे हैं, जबकि एंटीबॉडी पद्धति कोरोना के इलाज में बहुत कारगर साबित हो रही है। एक नए अध्ययन में यह दावा किया गया है कि कोविड-19 के जिन मरीजों को एक नोवेल एंटीबॉडी दी गई, उन्हें सामान्य तरीके से उपचार करा रहे मरीजों की तुलना में अस्पताल में भर्ती करने या आपात चिकित्सा सहायता मुहैया करने की कम जरूरत पड़ी है। इस समय चल रहे दूसरे चरण के चिकित्सकीय परीक्षण के अंतरिम नतीजों को न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित किया गया है।