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Coronavirus: क्या बिना वैक्सीन के ही खत्म हो जाएगा कोरोना वायरस? जानें क्या कहते हैं वैज्ञानिक

Tue, 07 Jul 2020 10:38 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronaindia - फोटो : Pexels/Amar Ujala
चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस संक्रमण दुनिया के 200 से ज्यादा देशों में फैल चुका है। पूरी दुनिया को जिस चीज का बेसब्री से इंतजार है, वह है कोरोना की वैक्सीन। इसको लेकर दुनियाभर के वैज्ञानिक लगे हुए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, दुनियाभर में 145 से ज्यादा वैक्सीन पर काम चल रहा है, जिनमें से 17 वैक्सीन क्लीनिकल ट्रायल के विभिन्न स्टेज में है। दूसरी ओर इसके इलाज के लिए डेक्सामेथासोन, फैबिफ्लू जैसी कुछ दवाओं के भी कारगर होने का दावा किया जा रहा है। लेकिन क्या कोरोना वायरस का खात्मा बिना वैक्सीन के भी संभव है?
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कोरोना वायरस संक्रमण - फोटो : Pixabay
  • बहुत सारे देश पिछले छह महीने से कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में हैं। भारत, ब्रिटेन, अमेरिका, रूस, चीन जैसे देशों में इसकी वैक्सीन तैयार की जा रही है। वैसे तो वैक्सीन तैयार किया जाना एक लंबी प्रक्रिया होती है, जिसमें सालों लग जाते हैं। लेकिन कोरोना महामारी का संकट देखते हुए दुनियाभर की सरकारों ने क्लीनिकल ट्रायल के लिए तय नियमों और समयसीमा में थोड़ी ढील दी है। 
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कोरोना वायरस संक्रमण - फोटो : Pixabay
  • सरकारों द्वारा थोड़ी ढील दिए जाने के बाद कई सारी वैक्सीनों का ह्यूमन ट्रायल चल रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। वैक्सीन की रेस में ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी भी आगे चल रही है। इस यूनिवर्सिटी से दुनियाभर को उम्मीद है कि वैक्सीन जल्द तैयार हो जाएगी। लेकिन यहीं की एक शोधकर्ता का मानना है कि इतनी जल्दी कुछ तय कर पाना मुश्किल है। 

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कोरोना वायरस संक्रमण - फोटो : Pixabay
  • ऑक्सफोर्ड की एक शोधकर्ता का मानना है कि पांच लाख से ज्यादा लोगों की जान लेने वाली यह महामारी वैक्सीन के बिना ही खुद-ब-खुद खत्म हो जाएगी। प्रो. सुनेत्रा गुप्ता का मानना है- ऐसा भी हो सकता है कि फ्लू की ही तरह यह महामारी भी अपने आप खत्म हो जाए और इसके लिए वैक्सीन की जरूरत न पड़े। 
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Corona Vaccine Update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
  • ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता प्रोफेसर सुनेत्रा गुप्ता का मानना है कि वैक्सीन कितनी कारगर साबित होगी, इस पर कई तरह के शोध हो रहे हैं। लेकिन यह भी हो सकता है कि कोविड-19 महामारी भी फ्लू की ही तरह एक संक्रमण हो और इसके लिए किसी खास वैक्सीन की जरूरत न हो। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • जानकारी के मुताबिक, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रो. गुप्ता ने कहा कि कोरोना महामारी उन्ही लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रही है, जो पहले से ही अस्वस्थ हैं या किसी बीमारी से पीड़ित हैं। जवान और स्वस्थ लोग कोरोना से संक्रमित होते भी हैं तो वे जल्दी ठीक हो जा रहे हैं।
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Corona Vaccine Update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
  • प्रो. गुप्ता ने कहा कि हम और आप सामान्य तौर पर यह देख भी रहे हैं कि जो लोग स्वस्थ हैं, या फिर जो बूढ़े या कमजोर नहीं हैं, उन्हें इस वायरस को लेकर बहुत ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। मालूम हो कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की जिस वैक्सीन पर पूरी दुनिया की नजर है, उसके बहुत कारगर होने को लेकर भी थोड़ा संशय जताया जा रहा है। 

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कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : PTI
कबतक तैयार होगी वैक्सीन?
  • ऐसे भी कुछ दावे किए जा रहे हैं, जिसमें कहा जा रहा है कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका प्रोटोटाइप जैसी वैक्सीन भी कोरोना से कुछ हद तक ही सुरक्षा कर सकती है। इसके साइड-इफेक्ट्स भी हो सकते हैं या ऐसा भी हो सकता है कि वैक्सीन हर उम्र, हर अवस्था के व्यक्ति पर काम न करे। 

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कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : social media
  • ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में वैक्सीनोलॉजी की प्रोफेसर सारा गिल्बर्ट ने कहा है कि 8000 वॉलेंटियर को वैक्सीन AZD1222 परीक्षण के फेज-III के लिए नामांकित किया गया था। उनमें प्रतिरोधी प्रतिक्रिया के खिलाफ अच्छा रिस्पॉन्स देखा जा रहा है, जो अच्छी बात है। यह सही तरीके से काम कर रही है, जो यह उम्मीद दिखाती है कि यह वैक्सीन कोरोना के खिलाफ मरीजों को सुरक्षा देगी। हालांकि इसकी समय सीमा को लेकर फिलहाल कुछ कह पाना मुश्किल है। 
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कोरोना वायरस वैक्सीनदवा (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : पिक्सा
  • ऑक्सफोर्ड के वैज्ञानिकों ने कोरोना वैक्सीन तैयार होने के लिए एक निश्चित समय सीमा देने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि हम ये नहीं सकते कि यह कब तक तैयार हो सकता है। ऑक्सफोर्ड की वैज्ञानिक सारा गिल्बर्ट ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी वैक्सीन पहले बन जाए, लेकिन वैक्सीन के विकसित होने का समय ह्यूमन ट्रायल के परिणामों पर निर्भर करेगा।
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