भारत में देरी क्यों?
डॉक्टर सरीन का दावा है कि कोरोना के लिए एंडी बॉडी टेस्ट किट पांच-सात दिन पहले ही बने है। उनके मुताबिक भारत में उन टेस्ट किट की जरूरत है जो 100 फीसदी नेगेटिव केस को 100 फीसदी नेगेटिव बता सके और 100 फीसदी पॉजिटिव केस को 100 फीसदी पॉजिटिव बता सकें। किसी भी सैंपल के टेस्ट रिपोर्ट आने में कितना वक्त लगता है वो इस बात से पता लगाया जा सकता है कि कितनी जल्दी डीएनए एक्सट्रैक्ट निकाल पाता है, उसका टेस्ट रिजल्ट आने का रन टाइम कितना है, टेस्ट रिजल्ट को रीड और रिपोर्ट करने में कितना वक्त लगता है।
दक्षिण कोरिया ने टेस्ट किट विकसित किए हैं जिनमें रिजल्ट 45 मिनट से एक घंटे में आ जाता है। लेकिन भारत में देरी क्यों? इस सवाल पर डॉक्टर सरीन कहते हैं, "ये वायरस अभी बहुत नया है। दक्षिण कोरिया, अमेरिका और चीन में पहले आया, भारत में बाद आया। विदेश के जिन देशों से भारत की हम तुलना करना चाह रहे हैं, वो तकनीक के मामले में हमसे ज्यादा विकसित हैं। हर देश की अपनी अलग प्रथामिकताएं हैं। फिलहाल हमारी प्रथामिकता है कि ये देश में ज्यादा ना फैले।"
जानकारों के मुताबिक टेस्टिंग किस देश को कितनी करनी है इसका फैसला लेने के कई पैमाने हैं। मसलन एक पैमाना ये हो सकता है कि संक्रमण उस देश में किस स्तर पर है, दूसरा ये की वहां की जनसंख्या कितनी है तीसरा देश की प्रथामिकता क्या है और चौथा देश में सुविधाएं कैसी है और निपटने की तैयारी कितनी है।