डॉ सिल के मुताबिक कोरोना वायरस के के नाक, मुंह और आंख से अंदर जाने की ज्यादा संभावना होती है जाता है। यह वायरस सबसे पहले इंसान के गले में जगह बनाता है और फिर वहां से एक प्रोटीन तैयार करने लगता है। इस वायरस के बाहरी आवरण पर प्राटीन की जो परत होती है, उसमें डीएनए और आरएनए होते हैं, इसकी वजह से यह अपनी संख्या बढ़ाता चला जाता है। जब इसके आगे मानव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है और समय पर इलाज नहीं मिलने से मौत हो जाती है।