कोरोना वायरस में लगातार हो रहा बदलाव, यानी उसका म्यूटेशन और भी घातक हो गया है और इसकी वजह से दुनिया के कई देशों में संक्रमण के नए मामलों में काफी उछाल आया है। वायरस में लगातार बदलाव जारी है। हालांकि इसका पता लगाना काफी मुश्किल काम है, लेकिन वैज्ञानिकों ने एक ऐसी नई विधि विकसित की है, जो नए कोरोना वायरस के विकास के क्रम के बारे में पूर्वानुमान व्यक्त कर सकती है। इस विधि से पता चल सकता है कि वायरस का मौजूदा कौन सा रूप भविष्य में बड़े पैमाने पर फैल सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे वैक्सीन निर्माताओं को वायरस के उन स्ट्रेन से लड़ाई में अहम मदद मिल सकती है, जो एंटीबॉडी को चकमा देने में सफल हो जाते हैं।