चीन के वुहान से दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस संक्रमण के मामले हर दिन बढ़ रहे हैं। कोरोना वायरस से निपटने के लिए तमाम तरह के प्रयास हो रहे हैं। अबतक इसकी कोई दवा उपबल्ध नहीं है, लेकिन इसका इलाज लक्षणों के आधार पर किया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के मुताबिक अलग-अलग लक्षणों वाले लोगों के इलाज के लिए अलग-अलग ट्रीटमेंट और दवाओं की मात्रा बताई गई है। वहीं, दूसरी ओर इसकी वैक्सीन बनाने में भी अलग-अलग देशों के वैज्ञानिक लगे हुए हैं। ऐसे समय में प्लेग को खत्म करने वाले बैक्टीरियोलॉजिस्ट यानी जीवाणुविज्ञानी वालदेमार हाफ्फिन के टीके और उसके लिए भारत में किए गए रिसर्च को याद किया जा रहा है।