प्रतीकात्मक तस्वीर
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इससे पहले चीन के वुहान में भी डॉक्टरों ने मेटफॉर्मिन दवा पर शोध किया था और उनका कहना था कि यह दवाई कोरोना के इलाज में कारगर पाई गई है। उनका भी यही कहना था कि डायबिटीज के मरीज, जो कोरोना से संक्रमित थे और मेटफॉर्मिन दवा ले रहे थे, उनकी मौत की दर इस दवाई को नहीं लेने वाले डायबिटीज मरीजों की तुलना में काफी कम थी। शोधकर्ताओं ने इससे संबंधित आंकड़े भी पेश किए थे, जिसका मुताबिक मेटफॉर्मिन दवा नहीं लेने वाले 22 डायबिटीज मरीजों की कोरोना से मौत हुई थी, जबकि यह दवाई लेने वाले सिर्फ तीन मरीजों की।