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Coronavirus: नए कोरोना वायरस के क्या-क्या लक्षण हैं, कुछ नया तो नहीं? विशेषज्ञ से जानें सबकुछ

Thu, 31 Dec 2020 08:06 AM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नए कोरोना वायरस के लक्षण - फोटो : iStock/Amarujala
एक तरफ जहां भारत में में कोविड से स्वस्थ होने की दर 95.99 फीसदी हो गई है, तो वहीं कोरोना के नए स्ट्रेन ने एक नई चिंता पैदा कर दी है। ब्रिटेन से भारत लौटे 20 लोगों में वायरस के 'नए रूप' के संक्रमण की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि वायरस के नए स्ट्रेन का पता लगाने के लिए देश के 10 प्रयोगशालाओं में 107 नमूनों की जांच की गई है। उनका कहना है कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और राज्यों को निगरानी बढ़ाने, रोकथाम, जांच और जांच के नमूने इन 10 प्रयोगशालाओं में से किसी एक में भेजने की नियमित रूप से सलाह दी जा रही है। आइए विशेषज्ञ से इस नए वायरस के लक्षणों के बारे में और साथ ही उससे जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब भी जानते हैं। 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
वायरस के नए स्ट्रेन का पता लगाना कितनी बड़ी चुनौती होती है? 
  • दिल्ली स्थित आईएमए के पूर्व महासचिव डॉ. नरेंद्र सैनी कहते हैं, 'स्ट्रेन की बात करते हैं तो यूके में और दक्षिण अफ्रीका में दो अलग-अलग नए स्ट्रेन निकले हैं। अब साधारण कोविड टेस्ट में हम यह पता कर सकते हैं कि कोरोना है या नहीं। अब इतनी प्रयोगशालाएं हैं कि ये टेस्ट हम आसानी से कर सकते हैं। लेकिन इससे यह नहीं पता कर सकते कि व्यक्ति के अंदर यूके का स्ट्रेन है या दक्षिण अफ्रीका का या फिर जो अभी तक भारत में है वो। इसके लिए जीनोम सीक्वेसिंग करनी होती है और उसकी देश में गिनी-चुनी प्रयोगशालाएं हैं। इसमें खर्चा भी काफी आता है। यह एक बड़ी चुनौती है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा ने नए वायरस के साथ में लक्षण बताए हैं, वो क्या हैं? 
  • डॉ. नरेंद्र सैनी बताते हैं, 'ब्रिटेन ने जो लक्षण बताएं हैं वो बुखार, खांसी, थकान, सिरदर्द, डायरिया, मांसपेशियों में दर्द, त्वचा पर रैशेज, आदि हैं। अभी तक कोरोना वायरस के जो स्ट्रेन भारत में हैं, उसमें भी ये सारे लक्षण पाए जाते हैं। तो केवल लक्षण के आधार पर यह कह पाना मुश्किल है कि व्यक्ति के अंदर यूके का स्ट्रेन है या दक्षिण अफ्रीका का या जो भारत में चल रहा है वो। लेकिन हां, यूके के स्ट्रेन से संक्रमित होने पर सांस लेने में तकलीफ बहुत जल्दी होने लगती है। इसके अलावा भ्रम की स्थिति होती है, सीने में दर्द, काफी पाया जाता है।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
नए स्ट्रेन ने भारत में दस्तक दे दी है, अब हमें किस प्रकार की सावधानी बरतनी है? 
  • डॉ. नरेंद्र सैनी बताते हैं, 'पहली सावधानी सरकार की तरफ से है, जो कि बरती जा रही है। यूके, दक्षिण अफ्रीका या अन्य देशों से आ रहे लोगों की टेस्टिंग की जा रही है और उनको आइसोलेट रहने को कहा जा रहा है। बतौर नागरिक हमारा भी कर्तव्य है कि अगर हम बाहर से आए हैं और लक्षण आते हैं तो तुरंत सरकार को सूचित करें। दूसरा, आम लोगों को सुरक्षित शारीरिक दूरी बनाए रखना, मास्क पहनना और हाथों को बार-बार धोना जारी रखना होगा।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
नया स्ट्रेन अगर ज्यादा खतरनाक नहीं है तो चिंता किस बात की करें? 
  • डॉ. नरेंद्र सैनी कहते हैं, 'नया स्ट्रेन पहले वाले की तुलना में 70 फीसदी तेज गति से फैलता है। अभी तक इससे बहुत गंभीर रूप से बीमार होने की खबरें तो नहीं आई हैं, लेकिन इसका तेजी से फैलना ही चिंताजनक है, क्योंकि अगर यह फैला तो ज्यादा लोगों को बीमार करेगा। अगर भारी संख्या में लोग होंगे तो उनमें से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती भी करना पड़ सकता है, आईसीयू भी भर सकते हैं। तब अगर किसी को जरूरत पड़ने पर आईसीयू नहीं मिला तो मृत्यु हो सकती है। अप्रत्यक्ष रूप से यह बीमारी लंबी खिंच सकती है या इससे मृत्युदर भी बढ़ सकती है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
जो लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं, क्या उनको भी वैक्सीन दी जाएगी? 
  • डॉ. नरेंद्र सैनी बताते हैं, 'फिलहाल सरकार ने जो योजना बनाई है, उसके मुताबिक जो लोग संक्रमित हो चुके हैं, उनको पहले चरण में वैक्सीन नहीं दी जाएगी, क्योंकि यह देखा गया है कि कोरोना से ठीक होने के बाद शरीर में जो एंटीबॉडी विकसित होते हैं, वो छह-सात महीने तक रहते हैं। इसलिए अभी उनको वैक्सीन नहीं दी जाएगी। थोड़े दिन के बाद ही मालूम चलेगा कि उन्हें वैक्सीन की जरूरत है या नहीं।'
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