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ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील में मिले कोरोना के नए स्ट्रेन से डरने की कितनी जरूरत? जानिए सबकुछ

Sun, 24 Jan 2021 02:22 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
दुनियाभर के लोग पहले से ही कोरोना वायरस के संक्रमण से परेशान हैं और हालिया कुछ दिनों में इसके नए-नए स्ट्रेन ने और भी काफी परेशान करके रख दिया है। कहा जा रहा है कि वायरस के ये नए स्ट्रेन अपने मूल रूप के मुकाबले कहीं ज्यादा संक्रामक हैं। वैज्ञानिक इनको लेकर लगातार अध्ययन में लगे हुए हैं और यह अंदाजा लगा रहे हैं कि ये कितने खतरनाक हैं। दरअसल, कोरोना के नए स्ट्रेन ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील में देखने को मिले हैं, जो अब वहां से कई देशों में फैल चुके हैं। आइए जानते हैं इन नए स्ट्रेन के बारे में कि ये कितने संक्रामक और खतरनाक हैं और इनसे आखिर डरने की कितनी जरूरत है? 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कौन सा स्ट्रेन कितने देशों में फैला है? 
  • ब्रिटेन में मिला कोरोना का नया स्ट्रेन  ब्रिटेन के ज्यादातर हिस्सों में तो फैला ही है, इसके अलावा यह दुनिया के 50 से अधिक देशों में भी फैल चुका है। वहीं, दक्षिण अफ्रीका में मिला वायरस का नया स्ट्रेन ब्रिटेन समेत दुनिया के कम से कम 20 अन्य देशों में भी पाया गया है, जबकि ब्राजील वाले स्ट्रेन को लेकर अभी कोई खास जानकारी नहीं मिली है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
क्यों अधिक संक्रामक हो गए हैं नए स्ट्रेन? 
  • विशेषज्ञों के मुताबिक, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील में पाए गए वायरस के नए स्ट्रेन में स्पाइक प्रोटीन में काफी बदलाव हुए हैं। दरअसल, यह वायरस का वह भाग होता है जो इंसान के शरीर की कोशिकाओं से चिपक जाता है। यही वजह है कि ये स्ट्रेन कोशिकाओं को संक्रमित करने और फैलने में अधिक सक्रिय हो गए हैं। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
'अधिक घातक हो सकता है ब्रिटेन का स्ट्रेन' 
  • ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि इस बात के कुछ शुरुआती प्रमाण हैं कि ब्रिटेन में पाया गया कोरोना का नया स्ट्रेन अधिक घातक हो सकता है और शायद ऊंची मृत्यु दर वाला भी है। ब्रिटेन के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार सर पैट्रिक वैलेंस ने कहा कि देश में कोरोना वायरस से मरने वालों की दर काफी चिंताजनक है और अभी इसमें कमी की कोई संभावना भी नहीं दिख रही है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
क्या ब्रिटेन वाले स्ट्रेन से ज्यादा खतरनाक हैं दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील के स्ट्रेन? 
  • विशेषज्ञ मानते हैं कि ब्रिटेन में पाया गया स्ट्रेन पुराने वायरस के मुकाबले 70 फीसदी अधिक संक्रामक है, लेकिन ब्रिटेन वाले स्ट्रेन के मुकाबले दक्षिण अफ्रीकी स्ट्रेन के स्पाइक प्रोटीन में कहीं अधिक बदलाव देखे गए हैं। वहीं ब्राजील वाले स्ट्रेन के स्पाइक प्रोटीन में भी तीन अहम बदलाव देखने को मिले हैं, जिसकी वजह से यह भी दक्षिण अफ्रीकी स्ट्रेन जैसा ही लग रहा है। हाल ही में हुए एक शोध में यह पाया गया है कि दक्षिण अफ्रीकी स्ट्रेन न सिर्फ एंटीबॉडी बल्कि प्रतिरक्षा तंत्र को भी 'धोखा' देने में सक्षम हो गया है, यानी कोरोना से संक्रमित होकर ठीक हो चुके लोगों को भी यह दोबारा संक्रमित कर सकता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
क्या नए स्ट्रेन पर भी काम करेगी मौजूदा वैक्सीन? 
  • फिलहाल इसको लेकर अध्ययन किए जा रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती नतीजों से पता चलता है कि फाइजर की वैक्सीन ब्रिटेन में पाए गए नए स्ट्रेन से भी सुरक्षा देने में सफल है। हालांकि ब्रिटेन के वैज्ञानिकों का कहना है कि दक्षिण अफ्रीका में मिले स्ट्रेन पर वैक्सीन बेअसर हो सकती है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, यह बात ब्रिटिश सरकार के एक वैज्ञानिक सलाहकार ने कही है। 
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