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CoronaVirus Medicine: कोरोना की सबसे सस्ती दवा केवल 27 रुपये में, इस भारतीय कंपनी को मिली उत्पादन की अनुमति

Sat, 15 Aug 2020 04:36 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronavirus Medicine - फोटो : Twitter@RT/Amar Ujala
कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण के बीच भारत समेत कई देशों में इसकी वैक्सीन को लेकर अच्छी प्रगति है। वहीं दूसरी ओर बीते कुछ महीनों में कोरोना महामारी के इलाज के लिए भी कई दवाएं सामने आई हैं। कोरोना के इलाज में कारगर साबित हुई ड्रग फेविपिराविर को कई कंपनियां अलग-अलग नामों से लॉन्च कर चुकी है। कंपनियों में MSN ग्रुप के अलावा सिप्ला, हेटेरो, ग्लेनमार्क, जेनवर्क्ट फार्मा आदि शामिल हैं। अबतक यह दवा 33 रुपये से लेकर 75 रुपये प्रति टैबलेट की कीमत में उपलब्ध है। गुरुवार को MSN ग्रुप ने 'फेविलो' नाम से सबसे सस्ता वर्जन लॉन्च किया, लेकिन अब एक और कंपनी इससे भी सस्ती दवा उतारने की तैयारी में है।
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दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
  • मिली जानकारी के मुताबिक, हैदराबाद की ली-फार्मा कंपनी एंटी वायरल ड्रग फेपिराविर को फाराविर के नाम से लॉन्च करेगी। यह 200 एमजी की टैबलेट में उपलब्ध होगी, जिसकी कीमत महज 27 रुपये प्रति टैबलेट होगी। हालांकि अभी दवा लॉन्च होने की केवल घोषणा हुई है, लेकिन इस घोषणा के मुताबिक दवा की कीमत यही रही तो यह अबतक की सबसे सस्ती फेविपिराविर ड्रग होगी। अबतक सबसे सस्ती दवा MSN ग्रुप की है। 'फेविलो' नाम की इस दवा के एक टैबलेट की कीमत 33 रुपये है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • मालूम हो कि फेविपिराविर ड्रग कोरोना के हल्के और मध्यम लक्षण वाले मरीजों के इलाज में मददगार साबित हुई है, जिसके बाद कई कंपनियां इस दवा को अलग-अलग नामों से भारतीय बाजार में उतार चुकी है। ली-फार्मा के डायरेक्टर रघु मित्रा एल्ला के मुताबिक, इस दवा के उत्पादन के लिए कंपनी को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया(DGCI) की ओर से अप्रूवल मिल गया है। 

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Coronavirus drug - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
  • मालूम हो कि इससे पहले गुरुवार को जेनरिक फार्मा कंपनी MSN ग्रुप ने कोरोना की सबसे सस्ती दवा 'फेविलो' लॉन्च की। हालांकि 200 एमजी फेविपिराविर की एक टेबलेट की कीमत 33 रुपये है। कंपनी का कहना है कि जल्द ही फेविपिराविर की 400 एमजी टेबलेट भी लॉन्च की जाएगी, ताकि कोरोना मरीजों के लिए डोज में टैबलेट की संख्या कम की जा सके। MSN ग्रुप कंपनी इससे पहले एंटीवायरल ड्रग ऑसेल्टामिविर को ऑस्लो नाम से लॉन्च कर चुकी है। 
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दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social Media

फेविपिराविर: यहां जानें अन्य दवाओं की कीमत

फार्मा कम्पनी दवा का नाम कीमत
ली-फार्मा फाराविर ₹ 27
MSN ग्रुप फेविलो ₹ 33
जेनवर्क्ट फार्मा फेविवेंट ₹ 39
सन फार्मा फ्लूगार्ड ₹ 35
लुपिन कोविहाल्ट ₹ 49
हेटेरो फेविविर ₹ 59
ब्रिंटन फार्मा फेविटन ₹ 59
सिप्ला सिप्लेंजा ₹ 68
ग्लेनमार्क फार्मा फेबिफ्लू ₹ 75
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फाइल फोटो - फोटो : PTI
इन्फ्लुएंजा में भी इस्तेमाल होती है फेविपिराविर दवा
  • बता दें कि फेविपिराविर ड्रग का इस्तेमाल इन्फ्लुएंजा में होता आ रहा है। जापानी कंपनी फुजीफिल्म होल्डिंग कॉर्प(FHC) बड़े पैमाने पर इसका उत्पादन करती है। एफएचसी इसे एविगन नाम से बाजार में बेचती है। कोरोना के इलाज में इसकी प्रभावकारिता जांचने के लिए ट्रायल हुए थे, जिसमें दवा हल्के और मध्यम लक्षण वाले मरीजों के इलाज में मददगार साबित हुई थी। इसके बाद डीजीसीआई से एप्रूवल मिलने पर कई कंपनियों ने अलग-अलग नामों से दवा को बाजार में उतारा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
एक माह में 60 लाख टैबलेट 
  • ली-फार्मा के डायरेक्टर रघु मित्रा एल्ला के मुताबिक, फाराविर को विशाखापट्टम वाले प्लांट में तैयार किया जाएगा। उनका कहना है कि दवा तैयार करने की क्षमता कंपनी के पास काफी ज्यादा है। कंपनी एक माह में हम 60 लाख टैबलेट तैयार कर सकती है। 

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Coronavirus Drug Update - फोटो : Social Media
अगले महीने लॉन्च होगी दवा
  • रघु मित्रा ने कहा है कि यह दवा अगले महीने लॉन्च हो सकती है। हमारी कोशिश रहेगी कि यह देश के हर कोने तक पहुंचे। एक टैबलेट की कीमत 27 रुपए रखी गई है। हालांकि हम पहले ही फेविपिराविर ड्रग इजिप्ट और बांग्लादेश को दवा की आपूर्ति कर रहे है। 

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हेटेरो रेमडेसिविर का वर्जन कोविफोर भी लॉन्च कर चुकी है - फोटो : Hetero website
  • फार्मा कंपनी हेटेरो ने भी फेविपिराविर को भारतीय बाजार में 'फेविपिर' नाम से लॉन्च कर चुकी है, जिसकी कीमत 59 रुपये प्रति टैबलेट है। क्लीनिकल ट्रायल में इस दवा के सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद इस दवा को अनुमति दी गई है। मालूम हो कि यही कंपनी इससे पहले कोरोना के इलाज में कारगर कोविफोर लॉन्च कर चुकी है, जो रेमडेसिविर का वर्जन है।

  • मालूम हो कि पिछले कुछ महीनों में कोरोना के इलाज के लिए कई तरह की दवाएं लॉन्च हुई हैं। फार्मा कंपनी लुपिन ने फेपिराविर दवा को कोविहाल्ट नाम से लॉन्च किया है। कोविहाल्ट में दवा की मात्रा को सुविधा को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। कंपनी के मुताबिक, यह दवा 200 मिलीग्राम की 10 गोलियों की स्ट्रिप के रूप में उपलब्ध है। एक गोली की कीमत 49 रुपये और 10 गोलियों की एक स्ट्रिप 490 रुपये में उपलब्ध है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • इससे पहले सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज भी फेविपिराविर दवा को 'फ्लूगार्ड' ब्रांड नाम से भारतीय बाजार में उतार चुकी है, जिसकी एक गोली की कीमत 35 रुपये है। हालांकि एमएसएन ने प्रति टैबलेट दो रुपये कम कीमत(33 रुपये) में इस दवा को बाजार में उतार दिया है। फेविपिराविर एक ऐसी ड्रग है, जिसे भारत में एंटी-वायरल ट्रीटमेंट के तौर पर कोविड-19 इलाज के लिए अनुमति दी गई है। 
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