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विशेषज्ञ से जानें: कोरोना की दवा आयुष-64 को इम्यूनिटी बूस्टर के तौर पर ले सकते हैं या नहीं?

Wed, 19 May 2021 04:08 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना की दवा आयुष-64 - फोटो : Pixabay/@PIB_India/Amarujala
आयुष मंत्रालय ने हाल ही में कोरोना मरीजों के लिए आयुष-64 दवा का वितरण शुरू किया है। इस दवा को कई जड़ी-बूटियों को मिलाकर बनाया गया है। इसीलिए कोरोना काल में इसे 'उम्मीद की किरण' बताया जा रहा है। इस दवा के मुफ्त वितरण के लिए आयुष मंत्रालय की ओर से कई केंद्र खोले गए हैं, जहां कोरोना मरीज खुद जाकर या उनके प्रतिनिधि आरटी-पीसीआर टेस्ट की पॉजिटिव रिपोर्ट और आधार कार्ड की हार्ड या सॉफ्ट कॉपी देकर दवा मुफ्त में ले सकते हैं। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं आयुष-64 से जुड़ी कुछ खास जानकारियां, जो कोरोना के समय में महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं। 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
आयुष-64 कब और कैसे ले सकते हैं? 
  • दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की डॉ. तनुजा नेसारी कहती हैं, 'शोध में पाया गया है कि जो लोग पॉजिटिव या एसिम्प्टोमैटिक या उन्हें हल्के लक्षण हैं, तो सुबह-शाम 500 मिलीग्राम या एक ग्राम तक की गोली ले सकते हैं। जिन्हें बुखार है, शरीर में दर्द है और दूसरे लक्षण हैं तो दो गोली पूरे दिन में तीन बार ले सकते हैं। पॉजिटिव होने के लगातार 20 दिन तक अगर ये लेते हैं, तो रिकवरी हो जाती है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
आयुष-64 कितनी प्रभावी है? 
  • आयुष-64 का पिछले एक साल से 120 स्थानों पर परीक्षण हुआ है। इसमें देखा गया है कि कोरोना के हल्के लक्षण जैसे बुखार, शरीर में दर्द, भूख न लगना यानी हल्के से मध्यम के बीच, काफी लाभकारी होता है। इसके लिए आयुष मंत्रालय ने एक मिशन लॉन्च किया है और 84 जगह पर इसका अभियान शुरू किया गया है। यह गंभीरता भी कम करती है।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या आयुष-64 को पैरासिटामोल या किसी अन्य एलोपैथिक ड्रग के साथ ले सकते हैं? 
  • डॉ. तनुजा नेसारी कहती हैं, 'इसका शोध हुआ है, जिसमें पाया गया है कि इससे कोई इंटरेक्शन नहीं होती। लेकिन ये ध्यान रखें कि अगर एलोपैथी और आयुर्वेद की दवा ले रहे हैं तो आधे घंटे का गैप (अंतराल) रखें।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कुछ लोग आयुष-64 को इम्यूनिटी बूस्टर के तौर पर ले रहे हैं, कितना सही है? 
  • डॉ. तनुजा नेसारी कहती हैं, 'ये इम्यूनिटी बूस्टर नहीं है। आयुष-64 चार चीजों से बना है, सप्तपर्ण, कुटकी, चिरायता और कुबेराक्ष से। ये दवा प्रिवेंशन (बचाव) से ज्यादा ट्रीटमेंट (इलाज) में काम आती है। इसे स्टोर करके घर पर रखने की जरूरत नहीं है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
पोस्ट कोविड के बाद लोगों में काफी कमजोरी हो रही है, उसे कैसे दूर करें? 
  • डॉ. तनुजा नेसारी कहती हैं, 'जी हां, आजकल कोरोना मरीजों को जो दवा दी जाती है, उससे कहीं न कहीं कमजोरी या थकान आ जाती है। इसके लिए आयुर्वेद की अश्वगंधा काफी सहायक होती है। आंवला के जितने भी प्रकार हैं, काफी फायदेमंद होते हैं, मुख्य रूप से च्यवनप्राश। इसका आंवला, गिलोय से बना रसायन चूर्ण वटी, गिलोय की संशमनी वटी, ये सभी आयुष मंत्रालय की गाइडलाइंस में दिए गए हैं। अणु तेल भी सिरदर्द, जुकाम में काफी सहायक होता है। आयुष काढ़ा भी लोगों को प्रिवेंशन और पोस्ट कोविड में मदद देता है। यह रिकवर करने में भी काफी सहायक है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अणु तेल कितना प्रभावी है? 
  • डॉ. तनुजा नेसारी कहती हैं, 'जिस तरह से हम वायरस से बचने के लिए मास्क का प्रयोग करते हैं, उसी तरह अणु तेल नाक में लगाने से बाहरी वायरस या जीवाणु आदि नहीं पहुंच पाते हैं। अणु तेल नाक में एक आवरण बना देता है, जिससे वायरस अंदर नहीं जा पाता है। इसके लिए अणु तेल की दो-दो बूंद नाक में डालनी चाहिए। लेकिन अगर नहीं डाल पाते हैं तो उसे लगा भी सकते हैं।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
सितोपलादि चूर्ण को लेने का सही तरीका क्या है?
  • डॉ. तनुजा नेसारी कहती हैं, 'सितोपलादि चूर्ण एक आयुर्वेदिक औषधि है। इसे सुबह, दोपहर, शाम, आधे से एक चम्मच शहद के साथ लेना चाहिए। इससे खांसी के जो वेग होते हैं, कम हो जाते हैं और जल्दी आराम हो जाता है। इसके अलावा प्राणायाम करते हैं तो भी फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है।'
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