मानसिक स्वास्थ्य
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ब्रिटेन के 1,300 डॉक्टरों में हुए सर्वे से पता चला कि इनमें से 43 फीसदी के पास इमर्जेंसी मामलों में बढ़त आई थी। वहीं, 45 फीसदी डॉक्टरों ने रूटीन चेकअप के लिए आने वाले मरीजों की संख्या में गिरावट की बात कही। एक मनोचिकित्सक ने कहा, “ऐसा लगता है जैसे हमारे बुज़ुर्ग मरीज बिल्कुल गायब ही हो गए हैं। मुझे लगता है कि वो मदद लेने से बहुत ज्यादा डरे हुए हैं।”
एक अन्य डॉक्टर ने लिखा, “कोरोना वायरस संक्रमण से उपजी समस्याओं जैसे- सामाजिक रूप से अलग-थलग पड़ने, बढ़ते तनाव और दवाइयां खत्म होने की वजह से हमारे बहुत से मरीजों में मानसिक बीमारियों के लक्षण पैदा हो गए हैं।”