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लॉकडाउन के साथ मास्क का व्यापक इस्तेमाल जरूरी, ताकि फिर से जोर न पकड़े कोरोना संक्रमण 

Wed, 10 Jun 2020 06:20 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronaindia - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
कोरोना वायरस का बढ़ता संक्रमण पूरी दुनिया के लिए चिंता का सबब बनता जा रहा है। दुनियाभर के कई देशों में चरणश: लॉकडाउन लगाने के कारण इस पर नियंत्रण करने की कोशिश हुई। अब धीरे-धीरे लॉकडाउन में ढील दी जा रही है और भारत में तो अनलॉक जारी है। कई चरणों में लगाए गए लॉकडाउन के बावजूद भी कई अन्य कारणों से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का तो यहां तक कहना है कि अभी भारत में कोरोना की लहर आनी बाकी है। ऐसे में सुरक्षा के तमाम एहतियात बरतने की जरूरत है। एक नए अध्ययन के मुताबिक, लॉकडाउन लागू करने के साथ-साथ मास्क के व्यापक स्तर पर उपयोग से कोरोना वायरस को फिर से जोर पकड़ने रोका जा सकता है।
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Coronavirus Effect in India - फोटो : Amar Ujala
  • ‘प्रोसीडिंग्स ऑफ द रॉयल सोसाइटी’ पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन में यह दावा किया गया है कि कोरोना संक्रमण दोबारा जोर न पकड़े, इसके लिए कड़े एहतियात बरतने होंगे। अध्ययन में कहा गया है कि केवल लॉकडाउन लागू करने से कोरोना वायरस को दोबारा जोर पकड़ने से नहीं रोका जा सकता है।
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Mask for Coronavirus Cure - फोटो : PTI/Amarujala
  • इस अध्ययन में कहा गया है कि यदि बड़ी संख्या में लोग मास्क का प्रयोग करते हैं तो संक्रमण की दर को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकता है। इसमें कहा गया है कि घर में बने कम प्रभाव वाले मास्क भी उपयोगी साबित हो सकते हैं।

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Coronavirus Effect - फोटो : PTI
  • ब्रिटेन स्थित कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ता रिचर्ड स्टुटफ्रॉम ने कहा कि हमारा विश्लेषण इस बात का समर्थन करता है कि लोग तत्काल और विश्वव्यापी स्तर पर मास्क का उपयोग करें।
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Coronavirus Prevention - फोटो : Pixabay
  • शोधकर्ताओं ने जनसंख्या-स्तर के मॉडल से कोरोना संक्रमण को जोड़ते हुए परिस्थिति का आकलन किया। शोधकर्ताओं के मुताबिक, किसी संक्रमित व्यक्ति का अन्य व्यक्ति को संक्रमित करने की दर एक से कम रहना जरूरी है। कहने का मतलब यह कि एक संक्रमित व्यक्ति एक से ज्यादा लोगों में संक्रमण न फैलाए तो स्थिति नियंत्रण में लाई जा सकती है। 
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लोगों के तापमान की जांच करते स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
  • अध्ययन में पाया गया कि लक्षण दिखने के बाद मास्क का प्रयोग करने की बजाय, बिना लक्षण दिखे यानी कि सार्वजनिक स्तर पर मास्क का प्रयोग किया जाने लगे तो संक्रमण दर को 50 फीसदी तक कम किया जा सकता है। इससे आने वाले दिनों में संभावित कोरोना की दूसरी लहर को रोका जा सकता है। 
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तापमान जांचता स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
  • स्टुटफ्रॉम ने कहा यदि लोग सामाजिक दूरी बनाए रखने और कुछ हद तक लॉकडाउन के साथ-साथ मास्क का व्यापक स्तर पर उपयोग करते हैं तो इस वैश्विक महामारी से निपटा जा सकता है और टीका आने से पहले भी आर्थिक गतिविधियां फिर से शुरू की जा सकती हैं।
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