कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच लोगों से तमाम एहतियार बरतने की अपील की जा रही है। जागरूकता संदेशों के जरिए बिना जरूरत लोगों को घरों से निकलने को मना किया जा रहा है। मालूम हो कि कोरोना के गंभीर मरीजों को सांस लेने में तकलीफ होती है। ये तकलीफ ज्यादा बढ़ने पर उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट देना पड़ता है। गंभीर मामलों में मरीजों को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है। शुरुआत में जब कोरोना के मामले देश में बढ़ रहे थे तो कहा जा रहा था कि सरकारों के पास पर्याप्त वेंटिलेटर नहीं है, लेकिन बाद में पर्याप्त आपूर्ति की बदौलत यह दिक्कत दूर हुई। कोरोना संक्रमण के बीच वैज्ञानिक सस्ता वेंटिलेटर बनाने में लगे हुए थे और भारतीय वैज्ञानिकों को इसमें कामयाबी मिली है।