फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Coronavirus के बढ़ते मामलों के बीच भारत ने तैयार किया सबसे सस्ता वेंटिलेटर, जानिए कितनी है कीमत

Wed, 24 Jun 2020 04:43 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
'प्राणवायु' वेंटिलेटर - फोटो : Social media
कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच लोगों से तमाम एहतियार बरतने की अपील की जा रही है। जागरूकता संदेशों के जरिए बिना जरूरत लोगों को घरों से निकलने को मना किया जा रहा है। मालूम हो कि कोरोना के गंभीर मरीजों को सांस लेने में तकलीफ होती है। ये तकलीफ ज्यादा बढ़ने पर उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट देना पड़ता है। गंभीर मामलों में मरीजों को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है। शुरुआत में जब कोरोना के मामले देश में बढ़ रहे थे तो कहा जा रहा था कि सरकारों के पास पर्याप्त वेंटिलेटर नहीं है, लेकिन बाद में पर्याप्त आपूर्ति की बदौलत यह दिक्कत दूर हुई। कोरोना संक्रमण के बीच वैज्ञानिक सस्ता वेंटिलेटर बनाने में लगे हुए थे और भारतीय वैज्ञानिकों को इसमें कामयाबी मिली है। 
विज्ञापन

2 of 6
वेंटिलेटर(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Social Media
नाम दिया 'प्राणवायु'
  • कोरोना वायरस से जारी जंग के बीच वैज्ञानिकों ने सस्ता वेंटिलेटर(Cheapest Ventiilator in India) तैयार कर लिया है। आईआईटी रुड़की (IIT Roorkee) और एम्स ऋषिकेश (AIIMS Rishikesh) की टीम ने बेहद सस्ता वेंटिलेटर तैयार करने का कमाल कर दिखाया है। दोनों संस्थानों के इंजीनियरों और डॉक्टरों की टीम ने पूर्ण स्वदेशी वेंटिलेटर तैयार किया है, जिसे 'प्राणवायु' नाम दिया है। 
विज्ञापन

3 of 6
वेंटिलेटर(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Social Media
कीमत बेहद कम
  • एम्स, ऋषिकेश के निदेशक रविकांत के मुताबिक करीब ढाई महीने पहले इस वेंटिलेटर को तकनीकी रूप से विकसित किया गया था। इस 'प्राणवायु' को एम्स ऋषिकेश में हुए परीक्षण में सफल पाया गया है। अमूमन वेंटिलेटर की कीमत लाखों में होती है, लेकिन एम्स के निदेशक ने बताया कि इस वेंटिलेटर की लागत मात्र 25 से 30 हजार रुपये के बीच होगी।

4 of 6
वेंटिलेटर(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : social media
पूर्ण स्वदेशी है नया वेंटिलेटर
  • अधिकारियों के मुताबिक, 'प्राणवायु' पूर्णत: स्वदेशी वेंटिलेटर है। वेंटिलेटर की तकनीक और इसके सभी पुर्जे भी स्वदेशी हैं। आईआईटी रुड़की और एम्स ऋषिकेश के संयुक्त तत्वावधान में विकसित इस वेंटिलेटर 'प्राणवायु' का तब से एम्स ऋषिकेश में परीक्षण किया जा रहा था और यह वेंटिलेटर हर प्रकार के चिकित्सकीय परीक्षण में पूरी तरह सफल पाया गया हैं
विज्ञापन

5 of 6
वेंटिलेटर(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Social Media
मेक इन इंडिया वेंटिलेटर तैयार
  • दरअसल, कोरोना वायरस हमारे शरीर में घुसकर सीधे फेफड़े पर हमला करता है। इससे मरीज को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। इस स्थिति में उसे वेंटिलेटर पर रखा जाता है, जिसमें मशीन की मदद से ऑक्सीजन की सप्लाई होती है। इसकी कीमत ज्यादा होती है, लेकिन अब देश में बेहद सस्ता वेंटिलेटर तैयार है। वैज्ञानिकों को यह कामयाबी ऐसे समय में मिली है, जब देश में चीनी सामानों के बहिष्कार और स्वदेशी अपनाओ की चर्चा चल रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
'प्राणवायु' वेंटिलेटर - फोटो : Social media
मालूम हो कि देश में कोरोना वायरस के मामले बहुत तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। राजधानी दिल्ली में हर दिन कोरोना संक्रमण के बेहिसाब मामले सामने आ रहे हैं। इस बीच केजरीवाल सरकार ने होम क्वारंटीन मरीजों को शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा चेक करने के लिए पल्स ऑक्सीमीटर देने का निर्णय लिया है। इससे जांच के आधार पर मरीज की स्थिति की गंभीरता का पता चलने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया जा सकेगा। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें