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Corona Fear: कोरोना के डर से अस्पताल नहीं जा रहे पथरी और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के मरीज

Mon, 17 Aug 2020 02:00 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronavirus Fear - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
कोरोना महामारी के इस दौर में ज्यादा प्रभावित होने वाले देशों की सूची में शामिल मेक्सिको से पिछले दिनों एक रिपोर्ट सामने आई थी। न्यूयॉर्क टाइम्स की उस रिपोर्ट के मुताबिक, वहां बहुत से लोगों के मन में अस्पताल के प्रति एक डर बैठा हुआ है और इसी कारण वे बीमार होने के बावजूद अस्पताल जाने से बच रहे हैं। इस वजह से इलाज में हो रही देरी को कोरोना से होने वाली मौतों के पीछे की बड़ी वजह बताई गई। अब भारत में कुछ ऐसे ही हालात सामने आ रहे हैं कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से भी जूझ रहे मरीज इलाज के लिए अस्पताल आने से बच रहे हैं। ऐसे में उनका स्वास्थ्य और यहां तक की उनका जीवन भी खतरे में है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social media
  • पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चिकित्सकों का कहना है कि उन्होंने ऐसे कई मरीजों को खो दिया है, जिनकी जिंदगी समय पर अस्पताल आने से या तो बच सकती थी या फिर उनकी हालत में सुधार हो सकता था। लोगों के मन में अस्पतालों के प्रति डर की यह स्थिति ठीक नहीं है। 
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breast cancer - फोटो : Pixabay
  • वसंत कुंज के फोर्टिस अस्पताल में सिर, गर्दन और स्तन ऑन्कोप्लास्टी विभाग के प्रमुख डॉक्टर मंदीप एस मल्होत्रा ने कहा कि मार्च में उनके दो मरीजों के स्तन में गांठ पाई गई थी। इन मरीजों में से एक आईएएस अधिकारी जबकि एक आईटी कंसल्टेंट थीं। दोनों की आयु 45 वर्ष थी। कोरोनो के डर से उन्होंने न तो अस्पताल को और न ही स्त्री रोग विशेषज्ञ या पारिवारिक चिकित्सक को उसकी जानकारी दी। अब दोनों चौथे चरण के स्तर कैंसर से पीड़ित हैं।

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ऑपरेशन थियेटर में चिकित्सक(File Photo) - फोटो : अमर उजाला
  • एक 42 वर्षीय व्यक्ति के बारे में भी उन्होंने बताया जो कैंसर से पीड़ित था। मल्होत्रा ने कहा, "वह मुंह के कैंसर से उबर चुके थे, लेकिन लॉकडाउन के दौरान दोबारा शिकायत हुई। उन्होंने मुझे तस्वीर भेजी, तो मैंने उन्हें यहां आने के लिए कहा। मैंने उनसे कहा कि वह आवश्यक अनुमति लेकर आराम से पास आ सकते हैं।"
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • आगे उन्होंने बताया कि जब तीन महीने बाद वे वापस आए, तबतक उनकी मस्तिष्क को ब्लड पहुंचाने वाली धमनी में दिक्कत बढ़ चुकी थी। इस हफ्ते की शुरूआत में कैंसर से उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों का कहना कि पित्ताशय से पथरी निकालने के लिए होने वाली साधारण सर्जरी कराने में भी मरीज देरी कर रहे हैं, जिससे बाद में दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना का संक्रमण अपनी जगह है। उससे बचाव को लेकर मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, साफ सफाई जैसी सावधानियां बरती जाए तो सामान्य जीवन की अन्य गतिविधियां भी जारी रह सकती है। यह समय, स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने का समय है। कोरोना के डर से अन्य बीमारियों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। 
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