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विशेषज्ञ से जानें: पोस्ट कोविड में नींद न आने से चिड़चिड़ापन की समस्या, इससे कैसे निपटें?

Wed, 07 Jul 2021 03:52 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कोरोना संक्रमण के दैनिक मामलों में उतार-चढ़ाव जारी है। बीते 24 घंटे में 43 हजार से अधिक नए मरीज मिले हैं, जबकि 900 से अधिक मरीजों ने अपनी जान गंवा दी। चूंकि देश में टीकाकरण अभियान तो तेजी से चल रहा है, लेकिन इसके बावजूद रोजाना संक्रमण के हजारों मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अब तक देशभर में 36 करोड़ 13 लाख से अधिक कोविड टीके लगाए जा चुके हैं। इस बीच संक्रमण से ठीक होने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। फिलहाल चार लाख 59 हजार से अधिक मरीज उपचाराधीन हैं, यानी उनका इलाज चल रहा है। हालांकि कोरोना से ठीक होने के बाद भी लोगों में कई तरह की समस्याएं देखने को मिल रही हैं, जिसमें नींद न आना भी शामिल हैं। इस वजह से कई लोगों में चिड़चिड़ापन भी बढ़ गया है। ऐसे में आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना और वैक्सीन से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब... 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज अलग-अलग कंपनी की लगवा सकते हैं? 
  • दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल की डॉ. रूपाली मलिक कहती हैं, 'अभी हमारे देश में अलग-अलग कंपनी की वैक्सीन डोज देने की अनुमति नहीं है। ऐसे में जिस वैक्सीन की पहली डोज ली हो, उसकी ही दूसरी डोज भी लें। अगर दूसरी डोज मिलने में कुछ दिक्कत है, तो कुछ दिन इंतजार कर लें, वैक्सीन मिल जाएगी।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कुछ लोगों को लगता है कि कोवाक्सिन, कोविशील्ड के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित है, क्या कहेंगी? 
  • डॉ. रूपाली मलिक कहती हैं, 'हमारे देश में जो भी वैक्सीन लगाई जा रही है, वो सभी सुरक्षित हैं। ऐसा सोचना कि कोई वैक्सीन प्रभावशाली नहीं है और यही वैक्सीन लगवाने के लिए इंतजार करना सही नहीं है, क्योंकि वैक्सीनेशन में देरी मुश्किल में डाल सकता है। वैक्सीनेशन जितना जल्दी होगा, संक्रमण के बाद होने वाले जोखिम की संभावना उतनी ही कम होगी। इसलिए जो भी वैक्सीन मिले, जाकर लगवाएं। हां, ये मानती हूं कि कोविशील्ड की वैक्सीन लगवाने के बाद बुखार और शरीर में दर्द की खबरें आई हैं। लेकिन सभी वैक्सीन प्रभावी हैं।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
पोस्ट कोविड में नींद न आने से कई लोगों में चिड़चिड़ापन बढ़ गया है, इससे कैसे निपटें? 
  • डॉ. रूपाली मलिक कहती हैं, 'पोस्ट कोविड में नींद न आना एक तरह की एंग्जाइटी है। कोविड होने के बाद अक्सर व्यक्ति डर जाते हैं, भयभीत रहते हैं। वह सामाजिक, आर्थिक, भावनात्मक, कई पहलुओं पर परेशान होते हैं। ऐसे में कई लोगों को नींद न आना, थकान जैसे भी लक्षण आते हैं। अगर किसी को तनाव हो रहा है या परेशान हैं तो मनोरोग विशेषज्ञ से बात कर सकते हैं। सरकारी की ओर से कई नंबर भी जारी किए गए हैं। हालांकि अपनी सेहत पर ध्यान दें, कुछ दिन में सामान्य हो जाएंगे।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोरोना काल में बच्चे भी डिप्रेशन में जा रहे हैं, इसके क्या कारण हैं? 
  • डॉ. रूपाली मलिक कहती हैं, 'कोरोना काल में चाहे संक्रमित हों या नहीं, अपनी सेहत पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। यहां हमें केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक तौर पर भी हेल्दी (स्वस्थ) होना होगा, चाहे बुजुर्ग हों, व्यस्क हों या बच्चे हों। हालांकि अब के माहौल में 3-4 साल के बच्चों की भी ऑनलाइन क्लासेज हो रही हैं। ऐसे में उनकी फिजिकल एक्टीविटीज (शारीरिक गतिविधियां) कम हो रही हैं। इस वक्त परिवार की जिम्मेदारी है कि उनकी फिजिकल हेल्थ (शारीरिक स्वास्थ्य) पर ध्यान दें। बच्चों को दिनभर मोबाइल या टीवी देकर व्यस्त न रखें, बल्कि आपस में बात करें। उनके साथ ऑफलाइन गेम खेलें, पेंटिंग करवाएं। फिजिकली हेल्दी (शारीरिक रूप से स्वस्थ) होने पर भी बच्चे काफी हद तक तनाव से दूर रहते हैं।' 
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