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विशेषज्ञ से जानें: वैक्सीन लगवाने के बाद महिला को बुखार आए तो क्या बच्चे को दूध पिलाना चाहिए?

Fri, 04 Jun 2021 09:33 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वैक्सीन - फोटो : iStock
देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में गिरावट जारी है। पिछले 24 घंटे में एक लाख 31 हजार से अधिक नए मामले सामने आए हैं, जबकि 2,700 से अधिक लोगों की मौत हुई है। हालांकि संक्रमण की दर बीते गुरुवार के मुकाबले थोड़ी कम है, लेकिन मौत के आंकड़ों में बढ़ोतरी हुई है। गुरुवार को कोरोना के एक लाख 34 हजार से अधिक नए मामले देखने को मिले थे, जबकि 2,800 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। इस बीच कोरोना की कई दवाइयों भी लॉन्च हुई हैं, जो मरीजों के इलाज में कारगर साबित हो रही हैं। इनमें एंटीबॉडी कॉकटेल और डीआरडीओ की 2-डीजी दवा शामिल हैं। वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में अब तक 22 करोड़ से अधिक कोरोना के टीके लगाए जा चुके हैं और टीकाकरण अभियान काफी तेजी से चल रहा है। चूंकि अब स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी वैक्सीन लगाया जा रहा है, ऐसे में सवाल उठता है कि वैक्सीन लगवाने के बाद महिला को अगर बुखार आ रहा है तो क्या वो बच्चे को स्तनपान करा सकती हैं? आइए विशेषज्ञ से जानते हैं ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब... 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या कोरोना की दूसरी लहर कमजोर हो रही है? 
  • दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के डॉ. अनुपम प्रकाश कहते हैं, 'पिछले कुछ दिनों से कोरोना के संक्रमण की दर कम हुई है। अस्पताल में भी कोरोना के कम मरीज आ रहे हैं। ये अच्छी स्थिति कह सकते हैं, लेकिन लोगों को अभी लापरवाही नहीं करनी है। अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए कोविड नियमों का पालन करें। अभी कोरोना चला गया, या आश्वस्त न हो जाएं।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
एंटीबॉडी कॉकटेल क्या है, जिससे मरीजों को ठीक किया जा रहा है? 
  • डॉ. अनुपम प्रकाश कहते हैं, 'कॉकटेल में दो दवाओं का एक साथ प्रयोग किया जाता है। अभी जो दी जा रही है, वो मोनोक्लोनल एंटीबॉडी है। कोविड मरीज को बीमारी के पहले हफ्ते में इंजेक्शन के द्वारा दी जाती है। इसके साथ यह हल्के से मध्यम केस में दी जा सकती है, ताकि बीमारी गंभीर न हो। लेकिन ये भी इमरजेंसी अप्रूवल ही है।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
डीआरडीओ (DRDO) की 2DG दवा की क्या गाइडलाइन्स है और कोविड मरीज पर कितनी प्रभावी है? 
  • डॉ. अनुपम प्रकाश कहते हैं, 'सबसे पहले तो समझना है कि इसे इमरजेंसी अप्रूवल मिला है यानी आपातकाल प्रयोग की मंजूरी। इसका ये अर्थ नहीं है कि वो दवा रामबाण है और शर्तिया असर करेगी। वैसे डीआरडीओ की ये दवा मरीज को शुरुआत में देने पर काफी अच्छा प्रभाव रहता है, ये वायरस को बढ़ने से रोक देती है, जिससे गंभीरता कम होती है। इसे लेकर जो गाइडलाइन दी गई है, उसके तहत जो हल्के मरीज हैं, जिन्हें केवल बुखार है और सेचुरेशन मेंटेन है, उन्हें नहीं देना है। इसके अलावा गर्भवती, स्तनपान कराने वाली महिला, गुर्दे के मरीज, हार्ट की बीमारी, फेफड़ों की पहले से कोई बीमारी यानी कोमोरबिडिटी वाले मरीजों को यह दवा नहीं देनी है। इसे मध्यम से गंभीर बीमारी वाले मरीजों को देना है। यह उन्हें देनी है, जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने वाली है, ऐसे में दवा ऑक्सीजन की जरूरत को कम कर देती है और मरीज 2-3 दिन पहले ठीक हो जाते हैं।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
वैक्सीन लगवाने के बाद महिला को अगर बुखार आ रहा है तो क्या बच्चे को स्तनपान करा सकती हैं? 
  • डॉ. अनुपम प्रकाश कहते हैं, 'अगर वैक्सीन लगवाने के बाद महिला को बुखार है तो परेशान न हों, कुछ घंटे में या एक दिन बाद उतर जाएगा। इस बीच बच्चे को दूध पिलाना न बंद करें या बच्चे का आहार बिल्कुल न रोकें। अगर बुखार दो दिन से ज्यादा रहता है या तापमान बढ़ता है और अन्य समस्या भी बढ़ती हैं तो कोविड टेस्ट करा लें और मास्क लगाकर, हाथ साफ करके बच्चे को दूध पिला सकती हैं।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या तीसरी लहर में बच्चों पर ज्यादा असर होगा?
  • डॉ. अनुपम प्रकाश कहते हैं, 'बच्चों में कोविड का संक्रमण बड़ों के मुकाबले कम होता है, मृत्यु दर तो बहुत ही कम है। पहली और दूसरी लहर में भी हमने देखा है कि उनपर संक्रमण का प्रभाव बहुत ज्यादा नहीं पड़ा है और संक्रमण दर भी बहुत कम है। तीसरी लहर से बचने के लिए सरकार भी काफी सजग है और संबंधित गाइडलाइन बना रही है। इसमें पहली और दूसरी लहर से काफी कुछ सीखने को मिला है। इसलिए बच्चों को लेकर डरने की जरूरत नहीं है, हां सतर्क जरूर रहें।' 
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