फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Coronavirus से भी खतरनाक थी यह महामारी, 14 लाख भारतीयों समेत गई थी करोड़ों लोगों की जान

Sat, 14 Mar 2020 04:06 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 7
100 साल पहले फैली थी यह खतरनाक बीमारी Spanish Flu - फोटो : Social media
कोरोना वायरस से दुनियाभर में 5000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कोरोना से संक्रमण के मामले रोज ही बढ़ रहे हैं। आधिकारिक तौर पर महामारी घोषित हो चुका कोरोना भारत में भी दूसरे स्टेज पर पहुंच चुका है। कोरोना के कहर ने साल 1918 में फैले महामारी की याद दिला दी है। आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक उस महामारी से पांच से 10 करोड़ लोगों की मौत हो गई थी। प्रथम विश्वयुद्ध के बाद जब दुनिया हालात से उबरने की कोशिश कर रही थी, उस वक्त यह महामारी दुनियाभर के लोगों पर कहर बनकर टूटी थी। इसे मानव इतिहास की सबसे भीषण महामारियों में से एक माना जाता है। आइए, जानते हैं इस बारे में विस्तार से:
विज्ञापन

2 of 7
100 साल पहले फैली थी यह खतरनाक बीमारी - फोटो : Social media
प्रथम विश्वयुद्ध के बाद 'स्पेनिश फ्लू' नाम की यह महामारी पश्चिमी मोर्चे पर स्थित छोटे और भीड़ वाले सैन्य प्रशिक्षण शिविरों से शुरु हुई। ऐसा बताया जाता है कि खासतौर पर फ्रांस की सीमा के करीब की खंदकों में गंदगी की वजह से ये बीमारी शुरू हुई और फैलती चली गई। विश्वयुद्ध नवंबर 1918 में खत्म हो चुका था, लेकिन घर वापस लौटने वाले संक्रमित सैनिकों के साथ यह वायरस  अन्य क्षेत्रों में फैलता गया।  
विज्ञापन

3 of 7
100 साल पहले फैली थी यह खतरनाक बीमारी - फोटो : Social media
इस स्पेनिश फ्लू ने भारत में भी तांडव मचाया था। बताया जाता है कि उस समय देश में 14 लाख लोगों की इस बीमारी की चपेट में आकर मौत हुई थी। उस समय ज्यादा भीड़भाड़ वाले शहर मुंबई(तत्कालीन बंबई) में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिला था। इस महामारी की चपेट में आए लोगों को बुखार, आंखों में चुभन, मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द जैसी शिकायत थी। 

4 of 7
spanish flu
कुछ ही दिनों में मुंबई में बहुत सारे लोगों की मौत होने लगी। रेलवे में सफर के जरिए यह फ्लू देश के दूसरे हिस्सों में भी फैलता चला गया है। हालांकि गांवों और कस्बों की तुलना में ज्यादातर यह शहरी क्षेत्रों में फैला। बताया जाता है कि भारत में 10 से 25 लाख लोग इस गंभीर फ्लू से प्रभावित हुए। 
विज्ञापन

5 of 7
100 साल पहले फैली थी यह खतरनाक बीमारी - फोटो : Social media
इस महामारी का केंद्र स्पेन था, इसलिए इसे स्पेनिश फ्लू नाम दिया गया। स्पेन के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस में इस फ्लू ने ज्यादा तबाही मचाई थी। लौरा स्पिननी ने 'द गार्जियन' के एक हालिया लेख में बताया था कि मीडिया के जरिए पहले इसे छिपाया गया, जिससे इसे संभाला जा सके। हालांकि स्पेन ने प्रेस को सेंसर नहीं किया और इसकी रिपोर्ट सबसे पहले स्पेन में ही प्रकाशित की गई। इस कारण भी इसे स्पेनिश फ्लू कहा जाने लगा, जबकि ब्राजील में इसे जर्मन फ्लू तो सेनेगल में इसे ब्राजीलियन फ्लू कहा गया।
विज्ञापन

6 of 7
स्पेनिश फ्लू के शिकार हुए लोग - फोटो : Social media
एक रिपोर्ट के हवाले से बताया जाता है कि साल 1919 की शुरुआत में एक बार फिर से स्पेनिश फ्लू फैला। साल 2012 में सामने एक रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के ब्रिटिश नियंत्रण वाले हिस्सों में इस बीमारी ने ज्यादा कहर बरपाया और करीब 14 लाख भारतीय इस महामारी में मारे गए थे। बाद में, असम में इसको लेकर एक इंजेक्शन तैयार किया गया, जिसके जरिए कथित तौर पर हजारों मरीजों का टीकाकरण किया गया और इसे रोकने में कुछ हद तक कामयाबी मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
Coronavirus - फोटो : Amar ujala
वर्तमान में कोरोना को लेकर भी दुनियाभर में स्थिति गंभीर होती जा रही है। शनिवार दोपहर तक भारत में भी दो लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है, जबकि हर दिन इससे संक्रमण के नए मामले सामने आ रहे हैं। सरकार और स्वास्थ्य संस्थाएं इससे निबटने की कोशिश में लगे हुए हैं। भारतीय मेडिकल रिसर्च काउंसिल के अनुसार इस महामारी से निबटने के लिए तैयारी पूरी है। 

यह भी पढ़ें: पहले दिन से 15वें दिन तक इन लक्षणों से जानें आपको कोरोना है या नहीं? 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें