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विशेषज्ञ से जानें: क्या है टी-3, देश में कोरोना के संक्रमण को रोकने में कितना होगा मददगार?

Sun, 11 Apr 2021 11:12 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस - फोटो : iStock
देश में टीकाकरण अभियान के बावजूद कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 1.52 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हुए हैं, जबकि 839 लोगों की जान चली गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में कुल संक्रमितों की संख्या जहां एक करोड़ 32 लाख से अधिक हो गई है, तो वहीं संक्रमण के कारण मृतकों की संख्या भी एक लाख 68 हजार से अधिक हो गई है। इस दौरान कोविड टीकाकरण अभियान के तहत अब तक लोगों को 10 करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना और वैक्सीन से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब... 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोविड के केस हर दिन बढ़ रहे हैं, वर्तमान स्थिति को कैसे देखते हैं? 
  • पटना स्थित एम्स के डॉ. संजीव कुमार कहते हैं, 'जी हां, केस काफी रफ्तार से आ रहे हैं। दूसरी लहर से देश से पश्चिमी भाग में केस बढ़ने शुरू हुए, उसके बाद मध्य भारत से होते हुए पूर्वी भाग बिहार आदि राज्यों में भी अब यह पहुंच गई है। पटना में भी शुक्रवार को हजार से ज्यादा केस पाए गए हैं, जो पिछले 15-20 दिनों में सबसे ज्यादा हैं। इसलिए इससे बचने के लिए मास्क, हैंड सैनिटाइजेशन, सुरक्षित शारीरिक दूरी के अलावा अब वैक्सीन भी इसमें शामिल हो गई है। जो भी लोग वैक्सीन लगवाने वाले वर्ग में आते हैं, बेहिचक जाएं और वैक्सीन लगवाएं।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
11 से 14 अप्रैल तक टीका उत्सव मनाया जाएगा, इसे कैसे देखते हैं? 
  • डॉ. संजीव कुमार कहते हैं, 'लोगों में कोविड वैक्सीन के प्रति उत्साह बढ़ाने के लिए टीका उत्सव मनाने का फैसला किया गया है। इसके लिए दो ऐसे महापुरुष जिन्हें देश आदर्श मानता है, उनकी जयंती को चुना गया है। इसमें ज्योतिबा फुले की जयंती 11 अप्रैल से शुरू होकर बाबा साहब अंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल तक, टीका उत्सव मनाया जाएगा। इन महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेते हुए समाज और मानव जीवन पर जो भी दुर्भावना और अभिशाप है, उसके खिलाफ लड़ना है। कोरोना भी ऐसा ही अभिशाप है, उसके खिलाफ वैक्सीन एक हथियार है और जितनी जल्दी 70 फीसदी से ऊपर टीकाकरण होगा, देश हर्ड इम्यूनिटी की ओर बढ़ेगा और संक्रमण कम होगा।' 

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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
रोजा रखते वक्त वैक्सीन लगवाने पर कोई हानिकारक प्रभाव तो नहीं होगा? 
  • डॉ. संजीव कुमार कहते हैं, 'जी नहीं, वैक्सीन का व्रत या रोजा से कोई सीधा संबंध नहीं है। अगर रोजा रखते हैं तो सुबह के समय में ही या फिर शाम के समय में वैक्सीन लें, जब मौसम थोड़ा ठंडा हो। लेकिन डरने की बात नहीं है, आप वैक्सीन ले सकते हैं।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
वैक्सीन की बर्बादी को लेकर कई तरह की खबर आ रही है, इसे कैसे देखते हैं? 
  • डॉ. संजीव कुमार कहते हैं, 'वैक्सीन सिर्फ भारत के लिए ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए बहुमूल्य है। वैक्सीन को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है। लेकिन अभी कुछ जगहों पर वैक्सीन बर्बाद हो रही है, इसका कारण है मल्टी डोज वायल। जैसे एक वायल (शीशी) से कम से कम 10 या 20 लोगों को वैक्सीन दी जाती है। एक वायल अगर खुल गया और उससे 20 लोगों को वैक्सीन देनी है और वहां 17 लोग हैं तो बाकी के तीन डोज नष्ट हो जाएंगे। इसके अलावा पांच बजे जैसे टीकाकरण के लोग कम हो जाते हैं, लेकिन अगर उससे पहले कोई वायल खुल गया और सेंटर पर 20 लोग न हों तो वो खराब हो जाता है। इसलिए स्वास्थ्यकर्मियों और वैक्सीन देने वालों से अपील है कि इस बात का ध्यान रखें कि वायल तभी खोलें, जब उतने लोग वहां मौजूद हों। ये भी ध्यान रखना है कि स्टॉक की जगह कोल्ड चेन न टूटे और बिजली की व्यवस्था बनी रहे।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
पीएम ने देश में टी-3 को बढ़ाने पर जोर दिया है, संक्रमण को रोकने में यह कितना मददगार होगा? 
  • डॉ. संजीव कुमार कहते हैं, 'पीएम मोदी ने टी-3 यानी टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट बढ़ाने को कहा है। टेस्टिंग में भी आरटी-पीसीआर पर जोर दिया गया है, क्योंकि इसकी सटीकता ज्यादा है, इससे टेस्ट कराने पर संक्रमण की अगर शुरुआत भी है, तो पता चल जाता है। लोगों को भी कहना चाहते हैं कि होली आदि की छुट्टी में जो लोग अपने घर गए थे या यात्रा की है, तो जांच जरूर कराएं। टेस्ट कराने से डरें नहीं, जांच कराएंगे, तभी केस पकड़ में आएंगे। बस स्टैंड या रेलवे स्टेशन पर टेस्टिंग की व्यवस्था की गई है। कई लोग बच कर निकल जाते हैं, ऐसा न करें, इससे स्थिति और बिगड़ सकती है।' 
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