फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सावधान: अस्थमा के मरीजों को गंभीर रूप से बीमार कर सकता है कोरोना, इन बातों का रखें विशेष ध्यान

Thu, 06 May 2021 08:02 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 12
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
Medically Reviewed by Dr. Davinder Kundra

डॉ. दविंदर कुंद्रा 
पल्मोनोलॉजिस्ट (श्वसन रोग विशेषज्ञ) 
ह्यूमन केयर मेडिकल चैरिटेबल ट्रस्ट, मनीपाल हॉस्पिटल, द्वारका


सर्दी, खांसी, सांस फूलना जैसे लक्षण, कोविड-19 और कभी-कभी अस्थमा से जुड़े लक्षण भी होते हैं, जिनकी वजह से अब मरीजों के पैर ठंडे पड़ने लगे हैं। ऐसे समय में जबकि देश कोरोना वायरस की दूसरी लहर का सामना कर रहा है, जब भी हम किसी को सर्दी या बुखार से पीड़ित देखते हैं, तो घबराहट होने लगती है और अस्थमा के मरीजों के लिए यह स्थिति और भी बुरी है। आइए जानते हैं ऐसे जोखिमों और निवारक उपायों के बारे में, जिन पर अस्थमा से पीड़ित लोग ध्यान दे सकते हैं।  
विज्ञापन

2 of 12
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अस्थमा के मरीजों को कोविड-19 होने की संभावना कितनी है?
  • सार्स-कोव-2 वायरस से होने वाला, कोरोना वायरस श्वसन प्रणाली पर हमला करने के लिए जाना जाता है। इस वजह से अस्थमा के मरीजों पर इसके हमला करने की संभावना ज्यादा है। इस समूह के लोगों में इसे लेकर डर और घबराहट ज्यादा है, क्योंकि उनके श्वसन प्रणाली में यह संक्रमण होने और इसका असर पड़ने की संभावना ज्यादा है।  
विज्ञापन

3 of 12
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अस्थमा फेफड़ों का गंभीर संक्रमण है जिससे वायुमार्ग सिकुड़ जाता है, जिस वजह से वायुमार्ग में सूजन, घरघराहट, सांस फूलना, सीने में जकड़न और खांसी होती है। जब इस स्थिति से परेशान किसी रोगी को वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण जैसा श्वसन संक्रमण हो जाता है, तो ऐसे पदार्थों का अतिउत्पादन हो सकता है, जिससे सूजन ज्यादा गंभीर हो सकती है। हालांकि, जब ऐसा कोई रोगी कोरोना वायरस के संपर्क में आ जाता है, तो इससे फेफड़े के ऊतकों के अंदर और साथ ही ब्रोन्कियल मार्ग में सूजन हो जाती है। इसलिए, अगर कोई मरीज मध्यम या गंभीर अस्थमा से पीड़ित है, तो कोविड-19 होने से न केवल अस्थमा के लक्षण बिगड़ सकते हैं, बल्कि निमोनिया भी हो सकता है। भले ही, अब तक अस्थमा के रोगियों में कोरोना वायरस का ज्यादा जोखिम होने की संभावना का समर्थन करने वाले कोई सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन विशेषज्ञ गंभीर लक्षणों और जटिलताओं की संभावना के कारण रोगियों को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। 

4 of 12
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
रोग नियंत्रण केंद्र (सीडीसी) का भी कहना है कि भले ही अस्थमा के रोगियों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की संभावना अन्य रोगियों जितनी है, लेकिन उनमें जटिलताएं पैदा होने की संभावना बहुत अधिक है और चूंकि कोरोना वायरस वायुमार्ग के ऊपरी और निचले अंगों- फेफड़े, नाक और गले को प्रभावित करता है, इसलिए इस बात की काफी संभावना है कि रोगी को अस्थमा का अटैक आ सकता है या निमोनिया हो सकता है।  
विज्ञापन

5 of 12
कोरोना वायरस के लक्षण - फोटो : iStock/Amar Ujala
कोरोना वायरस के लक्षण क्या हैं?
  • साल 2020 में कोरोना वायरस की पहली लहर ने लोगों को प्रभावित किया था और 2021 में हम दूसरी लहर में फंसे हुए हैं। भले ही ज्यादातर शुरुआती लक्षण वैसे ही हैं, लेकिन मरीजों में कुछ और भी लक्षण देखने को मिल रहे हैं, जो पहली लहर में दिखे लक्षणों की तुलना में ज्यादा गंभीर हैं।  
विज्ञापन

6 of 12
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोविड-19 के लक्षण- पहली लहर 

पहली लहर के लक्षण काफी हद तक फ्लू के लक्षणों की तरह ही थे और तुलनात्मक रूप से कम गंभीर थे। संक्रमण फैलने का दर भी कम था और लक्षण निम्न प्रकार से थे।
  • बुखार 
  • सर्दी-खांसी
  • स्वाद न आना 
  • गंध न आना
  • शरीर में दर्द
  • थकान  
विज्ञापन

7 of 12
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कोविड-19 के लक्षण- दूसरी लहर 

कोरोना वायरस की दूसरी लहर में भी पहली लहर जैसे ही लक्षण देखने को मिले हैं। हालांकि गंभीरता और संक्रमण फैलने की बात करें, तो ये ज्यादा गंभीर है। इसके अलावा, दूसरी लहर युवाओं को मुख्य रूप से प्रभावित करती है। दूसरी लहर में कोविड-19 के लक्षणों पर एक नजर डालें। 
  • गले में खराश
  • शरीर में दर्द 
  • मतली 
  • उल्टी आना
  • चक्कर आना
  • लार न बनना, मुंह सूखना
  • पेट खराब होना
  • नाक का लाल होना, बहना
  • दस्त और पतला मल त्यागना
  • सिरदर्द 

8 of 12
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
किस तरह से मरीजों को कोविड-19 के समय में अस्थमा को संभालना चाहिए? 
  • किसी भी स्थिति को संभालने की ओर पहला कदम निदान करना है। रोगी के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि उनकी स्थिति कितनी गंभीर है और फिर सावधानी बरतें। अस्थमा के मध्यम से गंभीर स्थिति के रोगियों के लिए सभी सावधानी बरतना आवश्यक है- नियमित रूप से हाथ धोएं, संपर्क से बचें, सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें, फेस मास्क पहनें और जितनी जल्दी हो सके टीका लगवाएं। 

9 of 12
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
जहां तक इनहेलर इस्तेमाल करने की बात है, तो मरीजों को इन बातों की सलाह दी जाती है-
  • अपने कॉर्टिकोस्टेरॉइड इन्हेलर का उपयोग करना जारी रखें, जब तक कि ऐसा न करने की सलाह न दी जाए। 
  • स्टेरॉयड इनहेलर से परहेज नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे अस्थमा का नियंत्रण बिगड़ सकता है और मरीजों में  जटिलताएं पैदा होने का जोखिम बढ़ सकता है।
  •  स्टेरॉयड इनहेलर से बचने से अस्थमा बिगड़ सकता है, जिस वजह से आपातकालीन कक्ष में तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ सकती है।
  •  ऐसे समय में जबकि संक्रमण ज्यादा भयावह गति से फैल रहा है, हम वायरस के संपर्क में आने की संभावना को कम करने के लिए अस्थमा नियंत्रण के चरणों का पालन करने की सलाह देते हैं। 

10 of 12
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
अस्थमा के मरीज को सर्दी और बुखार होने की स्थिति में क्या करना चाहिए? 

अगर अस्थमा के रोगी को सर्दी या बुखार हो जाता है, जो कि कोरोना वायरस के सबसे आम लक्षण हैं, तो हम आपको हालात खराब होने से पहले एक विशेषज्ञ तक पहुंचकर चिकित्सा सहायता लेने की सलाह देते हैं। अन्य लक्षणों में शामिल हैं: 
  • होठों और चेहरे में नीली रंगत पड़ना
  • सांस लेने में तकलीफ
  • दैनिक जीवन के काम में भ्रमित होना
  • छाती में दर्द 

11 of 12
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कोविड-19 के दौरान अस्थमा को बेहतर तरीके से संभालने के लिए हमारे इन उपायों पर एक नजर डालें: 
  • अपनी अस्थमा की दवा लेना न छोड़ें 
  • अपनी सभी चिंताओं पर स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से चर्चा करें 
  • जितना संभव हो अस्थमा अटैक का कारण बनने वाली चीजों से बचने की कोशिश करें 
  • तनाव और चिंता का सामना करें, क्योंकि तेज भावनाओं की वजह से अस्थमा अटैक हो सकता है 
  • जरूरत न होने पर, बाहर न निकलें 
  • जितनी बार हो सके अपने हाथों को धोएं 
  • दो मास्क की सुरक्षा चुनें- सर्जिकल मास्क अंदर और कपड़े का मास्क बाहर 
  • भीड़-भाड़ वाली जगह जाने से बचें 
  • ऐसे लोगों से दूरी बनाए रखें जो सर्दी, वायरल या फ्लू से पीड़ित हैं 
विज्ञापन

12 of 12
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अस्थमा के रोगी के लिए सभी सावधानियां बरतना और जल्द से जल्द कोरोना वायरस का टीका लगवाना बेहद जरूरी है। हालांकि, अस्थमा के रोगियों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की संभावना दूसरों जितनी ही है, लेकिन उनमें जटिलताएं पैदा होने की संभावना बहुत अधिक है। रोगी को सलाह दी जाती है कि घर पर अस्थमा के तीव्र अटैक को संभालने के लिए विशेषज्ञ द्वारा सुझाई गई कार्य योजना का पालन करें। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें